Bhagalpur News: भारतीय संविधान के शिल्पी और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती सुल्तानगंज प्रखंड के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों में माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं महादलित टोलों से निकली विशाल रैलियों ने पूरे क्षेत्र को ‘नीले रंग’ के उत्साह में सराबोर कर दिया।
गंगनिया महादलित टोला: उमड़ा जनसैलाब
जदयू अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष महेश दास ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनके नेतृत्व में गंगनिया पंचायत के महादलित टोला से एक विशाल पैदल रैली निकाली गई।
- रैली का मार्ग: यह रैली गंगनिया से शुरू होकर कमरगंज पहुँची और वहाँ से घोरघट गाँव का भ्रमण करते हुए वापस गंगनिया में समाप्त हुई।
- उत्साह: रैली में सैकड़ों की संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। “बाबा साहेब अमर रहें” के नारों से पूरा वातावरण गूँज उठा।
मुरारका कॉलेज से शाहाबाद तक ‘भीम’ की गूँज
इसी कड़ी में मुरारका महाविद्यालय के समीप रैयदास नगर दुधैला गाँव में भी जयंती समारोह के उपलक्ष्य में एक और बड़ी रैली का आयोजन हुआ।
- पैदल मार्च: सैकड़ों समर्थकों और स्कूली बच्चों ने मुरारका महाविद्यालय से पैदल मार्च शुरू किया।
- भ्रमण: यह रैली शाहाबाद चौक और बैकुंठपुर गाँव होते हुए पुनः मुरारका महाविद्यालय पहुँची, जहाँ बाबा साहेब की प्रतिमा के समीप इसका समापन किया गया।
बाबा साहेब के विचारों पर व्याख्यान
समारोह के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जदयू जिलाध्यक्ष महेश दास और सेवानिवृत्त शिक्षक जमादार दास ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रमुख बातें:
- समानता का संदेश: वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने समाज के सबसे पिछड़े तबके को सम्मान से जीने का अधिकार दिया।
- शिक्षा की अहमियत: उन्होंने बच्चों को शिक्षित बनने और समाज को संगठित करने पर जोर दिया।
- अतुलनीय योगदान: वक्ताओं ने संविधान निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का भाग्य विधाता बताया।
इनकी रही मुख्य उपस्थिति
इस गौरवपूर्ण अवसर पर जदयू अनुसूचित जाति के जिला अध्यक्ष महेश दास, रिटायर शिक्षक जमादार दास के अलावा भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता, ग्रामीण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पूरे प्रखंड में सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से जयंती समारोह का समापन हुआ।


