Bhagalpur News: भारत रत्न और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आज सिल्क सिटी भागलपुर पूरी तरह से ‘नीले रंग’ के उत्साह में डूबी नजर आई। शहर के नगर निगम परिसर से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में सामाजिक एकता और समानता का संदेश दिया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
नगर भ्रमण: आस्था और सम्मान का अनूठा संगम
नगर निगम परिसर से शुरू हुई यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। शोभायात्रा का दृश्य अत्यंत मनमोहक था, जहाँ लोग हाथों में नीला झंडा और बाबा साहेब की तस्वीर वाले बैनर लेकर चल रहे थे।
- नारेबाजी: पूरे मार्ग में “बाबा साहेब अमर रहें” और “जय भीम” के नारों के साथ-साथ उनके अमर संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” की गूंज सुनाई दी।
- सक्रिय भागीदारी: इस शोभायात्रा की खास बात यह रही कि इसमें केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाओं और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम
केवल शोभायात्रा ही नहीं, बल्कि भागलपुर के विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों में भी बाबा साहेब के व्यक्तित्व पर आधारित कार्यक्रमों की झड़ी लगी रही।
- प्रतियोगिताएं: छात्रों के लिए क्विज, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
- उद्देश्य: इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को बाबा साहेब के कठिन जीवन संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान से परिचित कराना था।
अंबेडकर भवन में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
बरारी स्थित अंबेडकर भवन परिसर में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यहाँ समाज के बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। वक्ताओं ने उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने आजादी के समय थे।
क्या बोले मुख्य वक्ता (प्रमुख बाइट्स)
मंजेश कुमार (शिक्षक): “बाबा साहेब ने केवल एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के उत्थान के लिए काम किया। उनकी शिक्षाएं आज के छात्रों के लिए सफलता का मूल मंत्र हैं।”
नीतीश कुमार (डायरेक्टर): “समतामूलक समाज का निर्माण तभी संभव है जब हम उनके बताए रास्तों पर चलें। आज की यह भीड़ साबित करती है कि युवा उनके विचारों को अपनाने के लिए तैयार हैं।”
सुरेंद्र बाबू: “संविधान ने हमें जो अधिकार दिए हैं, उनकी रक्षा करना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”


