Bhagalpur News: भागलपुर की ऐतिहासिक धरती आज अपनी स्थापना के 253वें वर्ष का जश्न मना रही है। कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय ‘जिला स्थापना दिवस’ का आगाज सोमवार को भव्य तरीके से हुआ। अंग संस्कृति भवन और भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित इस समारोह ने शहर को सांस्कृतिक छटा से सराबोर कर दिया।
मुख्य आकर्षण: दीप प्रज्ज्वलन और प्रशासनिक उपस्थिति
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस गौरवमयी क्षण पर उप विकास आयुक्त, जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
प्रभात फेरी से हुई दिन की शुरुआत
स्थापना दिवस की पहली सुबह प्रभात फेरी के नाम रही। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई इस रैली में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, स्काउट एंड गाइड और कलाकारों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यह फेरी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भागलपुर संग्रहालय पर समाप्त हुई, जहाँ बच्चों को जिले के समृद्ध इतिहास की जानकारी दी गई।
अंग की संस्कृति और विरासत पर बोले अधिकारी
- DM डॉ. नवल किशोर चौधरी: “भागलपुर अंग संस्कृति का केंद्र है। यहाँ की फिजाओं और पानी में एक अलग ही पवित्रता है। यह उत्सव हम सभी के लिए अपनी विरासत पर गर्व करने और इसे मिलकर मनाने का अवसर है।”
- SSP प्रमोद कुमार यादव: “विक्रमशिला की विरासत से लेकर जर्दालू आम और रेशम की चमक तक, भागलपुर की पहचान वैश्विक है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज भी यह पूरा क्षेत्र भागलपुर की ओर उम्मीद से देखता है।”
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम (3-दिवसीय कार्ययोजना)
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के अनुसार, इस बार का आयोजन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि प्रतिभाओं का मंच है:
तिथि | प्रमुख कार्यक्रम |
|---|---|
04 मई | प्रभात फेरी, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, मंजूषा आर्ट और समूह लोक नृत्य। |
05 मई | समूह लोक गायन प्रतियोगिता (पूर्वाह्न 11 बजे से) एवं आर्टिस्ट कैंप। |
06 मई | समापन समारोह एवं विजेताओं को विक्रमशिला व बटेश्वर स्थान का भ्रमण। |
विशेष आकर्षण: महात्मा गांधी पर आधारित विशेष आर्टिस्ट कैंप और मंजूषा पेंटिंग की प्रदर्शनी दर्शकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
ऐतिहासिक स्थलों का होगा भ्रमण
इस तीन दिवसीय उत्सव का समापन प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव के साथ होगा। प्रतियोगिता में चयनित बच्चों को भागलपुर की ऐतिहासिक धरोहर बटेश्वर स्थान और विक्रमशिला महाविहार के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों को और करीब से पहचान सके।


