Patna News: बिहार के ग्रामीण अंचलों में सड़कों और पुलों के जाल को और मजबूत करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि परियोजनाओं में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजधानी पटना के विश्वेश्वरैया भवन में विभाग के अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव निर्मल कुमार की अध्यक्षता में प्रमंडलवार समीक्षा बैठकों का दौर शुरू हो गया है, जो आगामी 28 अप्रैल तक चलेगा।
एमआईएस (MIS) पर अद्यतन स्थिति की बारीकी से जांच
इन बैठकों का मुख्य एजेंडा कागजी दावों के बजाय जमीनी हकीकत को परखना है। विभाग अधूरा पड़ी योजनाओं की एमआईएस (Management Information System) पर अद्यतन स्थिति की विस्तृत जांच कर रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को तुरंत दूर कर काम में तेजी लाएं।
भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल की योजनाओं पर पैनी नजर
समीक्षा की कड़ी में 20 अप्रैल को मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और छपरा प्रमंडल के कार्यों को खंगाला गया। वहीं, 21 अप्रैल से भागलपुर, मुंगेर और सीवान प्रमंडल की परियोजनाओं की गहन समीक्षा की जा रही है। भागलपुर क्षेत्र के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ की कई महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने वाली है।
आगामी बैठकों का शिड्यूल:
- 27 अप्रैल: गया और औरंगाबाद प्रमंडल।
- 28 अप्रैल: बेतिया और बेगूसराय प्रमंडल।
8 अनिवार्य दस्तावेजों के साथ तलब किए गए अभियंता
विभाग ने जवाबदेही तय करने के लिए सहायक अभियंताओं को मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया है। लापरवाही की गुंजाइश खत्म करने के लिए उन्हें अपने साथ 8 अनिवार्य दस्तावेज लाने को कहा गया है, जिनमें शामिल हैं:
- प्रशासनिक स्वीकृति पत्र
- निविदा आमंत्रण (Tender)
- कार्य आवंटन आदेश
- लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस
- एकरारनामा (Agreement)
- एमआईएस प्रगति प्रतिवेदन
- भूमि विवाद स्ट्रिप चार्ट
- पर्ट चार्ट (Project Evaluation)
डिजिटल मॉनिटरिंग: वीसी के जरिए जुड़ेंगे कनीय अभियंता
जमीनी स्तर पर काम देख रहे कनीय अभियंताओं (JE) और तकनीकी पर्यवेक्षकों को भी ढील नहीं दी गई है। उन्हें निर्देश है कि वे अपने कार्यस्थल (On-Site) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में जुड़ें ताकि मौके की स्थिति की वास्तविक जानकारी साझा की जा सके।
बिहार सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास में समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। विभाग के इस सख्त रुख से उम्मीद जागी है कि मानसून शुरू होने से पहले कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को सुगम आवाजाही का लाभ मिलेगा।


