Patna News: बिहार में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आम जनता को राहत देने की दिशा में पंचायती राज विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य की ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि के मात्र 24 घंटे के भीतर मृतक के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) निर्गत कर दिया जाएगा।
समीक्षा बैठक में कड़े निर्देश
- 24 घंटे की समय सीमा: मोक्षधाम या कब्रिस्तान में अंत्येष्टि के बाद प्रमाण पत्र देना अनिवार्य।
- आधार सेवा केंद्र: स्वीकृत 2000 पंचायतों में जल्द शुरू होंगे आधार सेंटर।
- सोलर लाइट का लक्ष्य: इस महीने के अंत तक 100% सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का टास्क।
- लापरवाह एजेंसियों पर जुर्माना: काम में ढिलाई बरतने वाली कंपनियों पर लगेगा आर्थिक दंड।
निदेशक नवीन कुमार सिंह ने दी सख्त हिदायत
पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के सभी उप-विकास आयुक्तों (DDC) और जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को यह निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
“ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि के बाद परिजनों को भटकना न पड़े, इसके लिए विभाग ने 24 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र निर्गत करने का लक्ष्य तय किया है। बेहतर काम करने वाले जिलों की सराहना की गई है, जबकि पिछड़ रहे जिलों को सुधार की चेतावनी दी गई है।”
पंचायतों में बढ़ेंगी डिजिटल सुविधाएं
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य की चिन्हित 2000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्रों के संचालन की प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जाए। इससे ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने या सुधार करवाने के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर उन्हें क्रियाशील बनाने का निर्देश भी दिया गया है।
सोलर स्ट्रीट लाइट और मेंटेनेंस पर जोर
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की समीक्षा करते हुए निदेशक ने बताया कि अब तक राज्य में 10,77,158 सोलर लाइटें लगाई जा चुकी हैं।
- डेडलाइन: इसी महीने के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है।
- रखरखाव: जो लाइटें खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक करने और एजेंसियों की जवाबदेही तय करने को कहा गया है। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी ललित राही सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी भी शामिल हुए।
पंचायती राज विभाग का यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा, बल्कि आपदा के समय शोक संतप्त परिवारों को सरकारी दफ्तरों की दौड़ भाग से भी मुक्ति दिलाएगा।


