Patna News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सोशल मीडिया पर चल रही पेपर लीक और बायोमेट्रिक एजेंसी के चयन से जुड़ी खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक करार दिया है। आयोग ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व आयोग की छवि धूमिल करने और अभ्यर्थियों को दिग्भ्रमित करने के उद्देश्य से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।
बायोमेट्रिक एजेंसी विवाद पर सफाई: निविदा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी
न्यूनतम दर पर हुआ चयन:
सोशल मीडिया (X) पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए आयोग ने कहा कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का कार्य करने वाली एजेंसी का चयन (Empanelment) अगस्त 2025 में ही पूरी पारदर्शिता के साथ न्यूनतम दर के आधार पर किया गया था।
तथ्यों का खंडन:
X पर साझा किए जा रहे NTA के जिस पत्र (दिनांक 25.10.2025) का हवाला दिया जा रहा है, वह निविदा प्रक्रिया पूरी होने के दो महीने बाद जारी हुआ था। ऐसे में उस पत्र का चयन प्रक्रिया पर कोई प्रभाव पड़ना तकनीकी और कानूनी रूप से असंभव है।
मुंगेर ‘पेपर लीक’ मामले का सच: पुलिस की मुस्तैदी से साजिश नाकाम
आयोग ने मुंगेर जिला में 13 अप्रैल 2026 को सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी की परीक्षा में प्रश्न-पत्र लीक होने की खबरों का भी कड़ा खंडन किया है।
- सच क्या है: मुंगेर पुलिस ने परीक्षा से एक दिन पहले ही 20 अभ्यर्थियों सहित कुल 22 लोगों को परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।
- परीक्षा रही सुरक्षित: 14 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा पूरी तरह शुचितापूर्ण और पारदर्शी रही। प्रश्न-पत्र लीक होने जैसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई।
“पेपर लीक अब एक दुःस्वप्न”: आयोग की अभेद्य सुरक्षा
BPSC ने गर्व के साथ साझा किया कि पिछले दो वर्षों में आयोग ने अपनी परीक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी सुधार किए हैं।
- 60 सफल परीक्षाएं: पिछले 24 महीनों में करीब 60 परीक्षाओं का आयोजन बिना किसी विवाद, कदाचारमुक्त और पारदर्शी तरीके से किया गया है।
- अभेद्य सुरक्षा चक्र: आयोग का कहना है कि वर्तमान परीक्षा व्यवस्था को भेदना अब नामुमकिन है। हताश असामाजिक तत्व कोशिश जरूर करते हैं, लेकिन आयोग की सतर्कता के कारण वे हर बार सलाखों के पीछे पहुँच रहे हैं।
अभ्यर्थियों के लिए संदेश
आयोग ने आम जनता और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही मनगढ़ंत और तथ्यहीन बातों पर ध्यान न दें। आयोग अपनी परीक्षाओं की गरिमा और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


