Patna News: बिहार की ग्राम पंचायतों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइटें जल रही हैं या नहीं, इसकी जानकारी अब किसी दफ्तर के चक्कर लगाए बिना सीधे जिला मुख्यालयों में मिल सकेगी। पंचायती राज विभाग ने मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए राज्य के सभी समाहरणालयों (Collectorates) में बड़ी LED टीवी लगाने का फैसला किया है।
तकनीक से पारदर्शिता तक
- रियल टाइम अपडेट: एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सोलर लाइटों की क्रियाशीलता की लाइव जानकारी सार्वजनिक होगी।
- बजट का आवंटन: राज्य योजना मद से कुल 76 लाख रुपये (2 लाख रुपये प्रति जिला) स्वीकृत किए गए हैं।
- 15 दिनों की डेडलाइन: निदेशक ने अगले दो हफ्तों के भीतर सभी जिलों में टीवी अधिष्ठापन का निर्देश दिया है।
- CMS प्रणाली: ब्रेडा (BREDA) द्वारा विकसित सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ेगा डेटा।
समाहरणालयों में दिखेगा ‘डिजिटल रिपोर्ट कार्ड’
पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य योजना की प्रभावी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अक्सर शिकायतें आती हैं कि लाइटें लगने के बाद खराब हो जाती हैं, लेकिन अब कोई भी आम नागरिक समाहरणालय के सार्वजनिक स्थल पर लगी टीवी के माध्यम से यह देख सकेगा कि किस पंचायत में कितनी लाइटें काम कर रही हैं।
“योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग का परम ध्येय है। टीवी के माध्यम से लाइटों की अद्यतन स्थिति को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
ब्रेडा और विभाग की संयुक्त तकनीक
सोलर स्ट्रीट लाइटों के अनुश्रवण के लिए ब्रेडा के माध्यम से एक केंद्रीकृत अनुश्रवण प्रणाली (CMS) विकसित की गई है। यह प्रणाली सीधे सोलर प्लेट्स और बैटरी से जुड़े सेंसर के माध्यम से डेटा प्राप्त करती है और उसे क्लाउड सर्वर पर भेजती है। यही डेटा अब समाहरणालयों की स्क्रीन पर लाइव प्रदर्शित किया जाएगा।
आमजन को मिलेगा सीधा लाभ
विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि लाइट लगाने वाली एजेंसियों पर भी समय पर मरम्मत करने का दबाव होगा। 15 दिनों के भीतर अधिष्ठापन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं, जिससे योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों तक पहुंचना सुनिश्चित हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर सरकार ने सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की कोशिश की है।


