Patna News: बिहार की सड़क अवसंरचना (Road Infrastructure) को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने NHAI और MoRTH की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला पटना-आरा-सासाराम प्रोजेक्ट को लेकर लिया गया, जिसका काम अगले महीने से धरातल पर दिखने लगेगा।
बिहार की नई लाइफलाइन
- पटना-आरा-सासाराम: प्रथम खंड (सुअरा से गड़हनी) का निर्माण 15 मई तक शुरू करने का आदेश।
- मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड: फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य आवंटित, जल्द शुरू होगा काम।
- पटना रिंग रोड: कन्हौली-शेरपुर खंड का कार्य भी आवंटित।
- बजट और विस्तार: 218 किमी लंबी 6 परियोजनाओं (लागत ₹8134 करोड़) और 360 किमी लंबी 12 परियोजनाओं (लागत ₹11222 करोड़) की हुई समीक्षा।
सचिव के कड़े तेवर: “कोताही बर्दाश्त नहीं”
विभागीय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सचिव पंकज कुमार पाल ने फॉरेस्ट क्लियरेंस और भू-अर्जन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि पर्यावरण विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाकर बाधाओं को दूर करें।
“परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूर्ण करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यारंभ में देरी और निर्माण में कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
इन बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहा विशेष फोकस
- साहेवगंज-अरेराज-बेतिया: बेतिया में भू-अर्जन कार्य तेज करने का निर्देश दिया गया है ताकि मॉनसून से पहले काम सुचारू रूप से शुरू हो सके।
- भागलपुर (ढाका मोड़): ढाका मोड़ के फोरलेन चौड़ीकरण और बिहार-झारखंड सीमा (बलझोर) तक सड़क विस्तार के लिए शीघ्र निविदा (Tender) आमंत्रित करने का आदेश दिया गया है।
- NH-333A: झाझा, नरगंजो और भौरोगंज बाईपास के लिए वैधानिक स्वीकृति प्राप्त कर जल्द टेंडर जारी करने को कहा गया है।
ROB निर्माण के लिए अक्टूबर की डेडलाइन
लंबित रेल ओवर ब्रिज (ROB) परियोजनाओं पर सचिव ने सख्त रुख अपनाते हुए कटिहार (NH-31) और सुपौल (NH-327E) के निर्माणाधीन ROB को हर हाल में अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए मुख्य अभियंता से विस्तृत कार्य योजना मांगी गई है।
बैठक में उपस्थिति
इस उच्च स्तरीय बैठक में पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव, NHAI एवं MoRTH के क्षेत्रीय पदाधिकारी, अभियंता प्रमुख सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सरकार के इन निर्देशों के बाद उम्मीद है कि बिहार के प्रमुख राजमार्गों और रिंग रोड के निर्माण में तेजी आएगी, जिससे राज्य के परिवहन और व्यापार को एक नई गति मिलेगी।


