Bhagalpur News: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आज उप श्रमायुक्त कार्यालय, भागलपुर के प्रांगण में एक भव्य विधिक एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उप श्रमायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सैंकड़ों मजदूरों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं से अवगत कराया गया।
न्यूनतम मजदूरी की नई दरें सार्वजनिक
शिविर के दौरान उप श्रमायुक्त श्री सुधांशु कुमार ने 01 अप्रैल 2026 से लागू हुई मजदूरी की नई दरों के बारे में विस्तार से बताया ताकि कोई भी मजदूर शोषण का शिकार न हो:
- अकुशल मजदूर: ₹436 प्रतिदिन
- अर्धकुशल मजदूर: ₹452 प्रतिदिन
- कुशल मजदूर: ₹551 प्रतिदिन
- अति कुशल मजदूर: ₹672 प्रतिदिन
मजदूरों के लिए सरकारी योजनाओं का पिटारा
कार्यक्रम में मजदूरों के कल्याण के लिए चल रही प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई, जो उनके जीवन को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती हैं:
- विवाह सहायता: बेटियों की शादी के लिए ₹50,000 की मदद।
- मृत्यु लाभ: सामान्य मृत्यु पर ₹2,00,000 और दुर्घटना में मृत्यु पर ₹4,00,000 की राशि।
- शिक्षा एवं पुरस्कार: बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और मेधावी छात्रों को ₹25,000 तक का नकद पुरस्कार।
- भवन मरम्मत एवं अन्य: मकान की मरम्मत के लिए ₹20,000 और मातृत्व/पितृत्व लाभ की सुविधा।
शिकागो के बलिदान और 8 घंटे काम के अधिकार की चर्चा
शिविर में एक्टू के प्रतिनिधि मुकेश मुक्त ने 1886 की शिकागो घटना को याद करते हुए मजदूरों को ‘8 घंटे कार्य’ के ऐतिहासिक अधिकार के बारे में बताया। वहीं, भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार लाल ने मजदूर एकता पर बल देते हुए अपने हितों के लिए संगठित रहने का आह्वान किया।
प्रवासी मजदूरों को विशेष सुरक्षा
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार योजना के तहत प्रवासी मजदूरों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की गईं। यदि किसी प्रवासी मजदूर की कार्य के दौरान मृत्यु होती है, तो उन्हें ₹2,00,000 और पूर्ण निःशक्तता की स्थिति में ₹1,00,000 तक की सहायता दी जाएगी।
इन अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर सहायक श्रमायुक्त निखिल कुमार रंजन, जिले के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, चित्रंजन पांडे और अन्य विभागीय कर्मी मौजूद रहे। उप श्रमायुक्त ने अंत में सभी मजदूरों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षित जरूर करें, क्योंकि शिक्षा ही गरीबी से निकलने का एकमात्र रास्ता है।


