Bihar News: बिहार की सियासत में आज वह क्षण आ गया जिसका भारतीय जनता पार्टी को दशकों से इंतजार था। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब बिहार में पहली बार भाजपा अपने दम पर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रही है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता चुन लिया गया है, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
ऐतिहासिक पल: बिहार में ‘कमल’ राज की शुरुआत
बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका होगा जब भाजपा का कोई कद्दावर नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। अब तक भाजपा केवल गठबंधन में ‘जूनियर पार्टनर’ या उपमुख्यमंत्री की भूमिका में रही है, लेकिन सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा ने बिहार की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है।
सम्राट चौधरी के नाम पर लगी मुहर
पटना में हुई भाजपा विधायक दल की हाई-प्रोफाइल बैठक में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी विधायकों ने एकमत होकर स्वीकार कर लिया। सम्राट चौधरी, जो अपनी प्रखर राजनीति और कड़े तेवरों के लिए जाने जाते हैं, अब बिहार की बागडोर संभालने के लिए तैयार हैं।
कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
सूत्रों के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल (15 अप्रैल) पटना के राजभवन में आयोजित किया जाएगा।
- पीएम मोदी की मौजूदगी: खबर है कि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पटना पहुँच सकते हैं।
- सादा समारोह: हालांकि समय की कमी को देखते हुए इसे एक गरिमामयी और सादे समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा।
बिहार के लिए नई दिशा?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का अपना मुख्यमंत्री होना राज्य की विकास योजनाओं और राजनीतिक दिशा को एक नया मोड़ देगा। सम्राट चौधरी के सामने अब राज्य की कानून-व्यवस्था और विकास की गति को और तेज करने की बड़ी चुनौती होगी।


