Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने आम जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए गंगा के घाटों पर युद्धस्तर पर इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव स्वयं व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सुगम हुआ सफर: समतलीकरण और सुसज्जित घाट
बरारी, बाबूपुर और नवगछिया के महादेवपुर घाट पर यात्रियों की सुगम पहुंच के लिए पहुंच मार्गों का समतलीकरण किया गया है। अब यात्रियों को नाव तक पहुँचने में कीचड़ या ऊबड़-खाबड़ रास्तों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बड़ी राहत: 1000 की क्षमता वाले जेटी का होगा संचालन
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कल से 800 से 1000 यात्रियों की क्षमता वाले दो बड़े जेटी (Jetty) के संचालन की प्रबल संभावना है। वर्तमान में भी नावों की इतनी पर्याप्त संख्या सुनिश्चित की गई है कि किसी भी यात्री को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य का ‘कवच’
प्रशासनिक सतर्कता का आलम यह है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा रहा है:
- गोताखोरों की तैनाती: प्रत्येक नाव पर गोताखोर तैनात किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
- मेडिकल कैंप: घाटों पर स्ट्रेचर, एम्बुलेंस और चिकित्सा शिविर की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
- प्रकाश और ठहरने की व्यवस्था: रात के समय यात्रियों की सुरक्षा के लिए घाटों पर दूधिया रोशनी का प्रबंध है और ठहरने के लिए विशेष शिविर बनाए गए हैं।
नियंत्रण कक्ष से निगरानी
पूरे परिचालन की निगरानी के लिए घाटों पर जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बिजली से लेकर पीने के पानी तक की हर छोटी-बड़ी सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। डीएम और एसएसपी लगातार क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।


