Bhagalpur News: भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में 9वां दीक्षांत समारोह भव्य, अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता बिहार के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने की। कार्यक्रम का आयोजन करपुरी सभागार में किया गया, जहां सुबह 11 बजे से विधिवत शुरुआत हुई।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने “वर्क इज वर्शिप” को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी और वैज्ञानिक देश की खाद्य सुरक्षा के असली संरक्षक हैं।
443 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 6 को स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में कुल 443 छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 13 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री दी गई। साथ ही 6 मेधावी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी हॉर्टिकल्चर, एमएससी एग्रीकल्चर, एमएससी हॉर्टिकल्चर, बी.टेक एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग और एमबीए एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं।
राज्यपाल ने किया उद्घाटन और पौधारोपण
समारोह से पूर्व राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित स्विमिंग पूल और सबौर पेयजल संयंत्र का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए रुद्राक्ष का पौधारोपण किया।
इसके अलावा नीरा पाउच (अनार एवं ऑरेंज फ्लेवर) का शुभारंभ और समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल का लोकार्पण भी किया गया।
ग्रीन कैंपस और मखाना रिसर्च की सराहना
राज्यपाल ने बीएयू सबौर को एक आदर्श ग्रीन और प्लास्टिक फ्री कैंपस बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां का सुव्यवस्थित और स्वच्छ वातावरण अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने मखाना क्षेत्र में विश्वविद्यालय के योगदान की विशेष प्रशंसा करते हुए “मखाना उत्कृष्टता केंद्र” की स्थापना के लिए सहमति दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
कृषि और तकनीक पर जोर, 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
अपने संबोधन में राज्यपाल ने चीन के विकास मॉडल और देंग शियाओपिंग के चार आधुनिकीकरण—कृषि, तकनीकी शिक्षा, उद्योग और सशस्त्र बल—का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को भी कृषि अनुसंधान, तकनीक और जलवायु परिवर्तन पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब कृषि क्षेत्र मजबूत होगा।
कुलपति ने गिनाईं उपलब्धियां, NAAC ‘A’ ग्रेड का जिक्र
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बीएयू को NAAC से ‘A’ ग्रेड प्राप्त है और ICAR से भी उच्च मान्यता मिली है।
उन्होंने “सबौर मखाना-1”, मखाना हार्वेस्टर, नई फसल किस्मों, स्टार्टअप्स, पेटेंट और अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं की उपलब्धियों को साझा किया। साथ ही बताया कि विश्वविद्यालय 2027-28 तक QS वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान पाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल, राज्यपाल के प्रधान सचिव गोपाल मीणा, विशेष सचिव शैलेन्द्र कुमार, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेकानंद सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह बना उपलब्धि और प्रेरणा का प्रतीक
पूरे आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गईं। यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए उपलब्धि का क्षण बना, बल्कि कृषि, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बनकर उभरा।


