Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज मुंगेर और भागलपुर जिले के निवासियों को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है। पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर अब मुंगेर से भागलपुर तक गंगा के किनारे एक शानदार ‘मरीन ड्राइव’ (गंगा पथ) का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वयं मुंगेर के बबुआघाट पहुँचकर प्रस्तावित परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।
परियोजना की खास बातें: दो चरणों में बदलेगी तस्वीर
समीक्षा बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने बताया कि यह परियोजना मुख्य रूप से दो खंडों में विभाजित है:
- मुंगेर (सफियाबाद) से सुल्तानगंज: इसकी कुल लंबाई 42 किलोमीटर है। इसमें 11.88 किमी हिस्सा एलिवेटेड (पुल के ऊपर) और बाकी एट-ग्रेड (जमीन पर) होगा।
- सुल्तानगंज से भागलपुर-सबौर: इसकी कुल लंबाई 41.33 किलोमीटर है। इस हिस्से में 34 पुराने घाटों का जीर्णोद्धार और विकास किया जाएगा।
5327 करोड़ का बजट और आधुनिक सुविधाएं
यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत बनाया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 5327 करोड़ रुपये है।
- कनेक्टिविटी: इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि शहर के प्रमुख पुलों और सड़कों से इसकी सीधी कनेक्टिविटी हो।
- सुविधाएं: रास्ते में 5 टोल प्लाजा, बस स्टैंड, ट्रक ले-बाय और व्यू पॉइंट बनाए जाएंगे। अगुवानी घाट के पास 2000 वर्ग मीटर का एक बड़ा विश्राम क्षेत्र भी बनेगा।
- सुरक्षा बांध: यह गंगा पथ न केवल यातायात सुगम करेगा, बल्कि बाढ़ से बचाव के लिए ‘सुरक्षा बांध’ के रूप में भी काम करेगा।
मुख्यमंत्री का विजन: नया शहर और आधुनिक एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
- मुंगेर से बरियारपुर के बीच जमीन चिन्हित कर एक नया आधुनिक शहर बसाने की योजना तैयार करें।
- मुंगेर एयरपोर्ट का विस्तार और विकास इस तरह करें कि वहां रात में भी विमानों की लैंडिंग आसानी से हो सके।
- औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए जमीन चिन्हित की जाए ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें।
धार्मिक और पर्यटन को बढ़ावा
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री बिहार योग विद्यालय (पादुका दर्शन आश्रम) पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वामी निरंजनानंद सरस्वती से मुलाकात की और भगवान तिरुपति बालाजी की आरती में शामिल होकर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। यह गंगा पथ सुल्तानगंज (अजगैबीनाथ) और भागलपुर के धार्मिक पर्यटन को विश्व स्तरीय पहचान दिलाएगा।


