Homeबिहारपटनाबिहार का आर्थिक शंखनाद: GST कलेक्शन में रिकॉर्ड उछाल, राष्ट्रीय औसत को...

बिहार का आर्थिक शंखनाद: GST कलेक्शन में रिकॉर्ड उछाल, राष्ट्रीय औसत को पछाड़कर बना देश का चौथा अग्रणी राज्य

₹32,801 करोड़ का ऐतिहासिक कलेक्शन: पिछले वर्ष के मुकाबले 11.67% की शानदार वृद्धि।

Patna News: बिहार के आर्थिक विकास और कर प्रशासन में सुधार के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन पर वाणिज्य कर विभाग ने शानदार आंकड़े पेश किए हैं, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। बिहार ने न केवल अपने राजस्व में बढ़ोतरी की है, बल्कि विकास दर के मामले में देश के कई बड़े राज्यों को पछाड़ते हुए राष्ट्रीय औसत से भी कहीं अधिक प्रदर्शन किया है।

आंकड़ों की जुबानी: रिकॉर्ड तोड़ सफलता

​विभाग द्वारा जारी अनंतिम (Provisional) आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार ने कुल ₹32,801.35 करोड़ का जीएसटी संग्रहण किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) की तुलना में 11.67 प्रतिशत अधिक है।

​आईजीएसटी (IGST) सेटलमेंट के बाद की स्थिति पर नज़र डालें तो:

  • शुद्ध जीएसटी संग्रहण: ₹32,077.22 करोड़।
  • शुद्ध वृद्धि दर: 9.20 प्रतिशत।
  • कुल कर संग्रहण (GST + Non-GST): ₹43,324.79 करोड़।

राष्ट्रीय औसत बनाम बिहार: एक तुलना

​बिहार की आर्थिक मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य की वृद्धि दर राष्ट्रीय आंकड़ों से काफी बेहतर रही है।

श्रेणी

बिहार की वृद्धि दर

राष्ट्रीय औसत

मार्च 2026 (SGST + IGST समायोजन)

13%

5%

संपूर्ण नकद संग्रहण (Cash Collection)

10.60%

6.40%

इस प्रदर्शन के दम पर बिहार ने देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में कुल संग्रहण वृद्धि दर के आधार पर चौथा स्थान प्राप्त कर अपनी आर्थिक साख मजबूत की है।

लक्ष्य के करीब पहुँचा विभाग

​राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष के लिए ₹46,500 करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके विरुद्ध विभाग ने 93.17 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली है। अधिकारियों का मानना है कि जिस तरह से कर आधार (Tax Base) का विस्तार हो रहा है, आने वाले समय में लक्ष्य को पार करना और भी आसान होगा।

सफलता के पीछे की रणनीति: डेटा और तकनीक का मेल

​वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस रिकॉर्ड वृद्धि के पीछे केवल बाजार की तेजी नहीं, बल्कि विभाग की चुस्त कार्यप्रणाली भी है। राजस्व बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से इन चार स्तंभों पर काम किया गया:

  1. ई-वे बिल विश्लेषण: माल की आवाजाही पर कड़ी निगरानी।
  2. डेटा एनालिटिक्स: संदिग्ध लेन-देन की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग।
  3. जोखिम आधारित जांच: टैक्स चोरी की संभावना वाले क्षेत्रों पर सटीक प्रहार।
  4. संवाद और सेवा: करदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान और प्रक्रिया का सरलीकरण।

भविष्य की राह

​विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि कर प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जाएगा। विभाग का लक्ष्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि ईमानदार करदाताओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर एक व्यापार-अनुकूल वातावरण तैयार करना भी है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bhāgalpur
clear sky
36.9 ° C
36.9 °
36.9 °
11 %
3.9kmh
0 %
Wed
39 °
Thu
44 °
Fri
44 °
Sat
44 °
Sun
42 °

Most Popular