Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के दो शीर्ष अधिकारियों—जिलाधिकारी (DM) डॉक्टर नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में आज तड़के ‘शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा’ और ‘महिला मंडल कारा’ में सघन छापेमारी की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल प्रशासन और कैदियों के बीच हड़कंप मच गया।
भारी पुलिस बल के साथ ‘ऑपरेशन जेल’
शुक्रवार की सुबह जब पूरा शहर सो रहा था, तब जिला प्रशासन की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जेल परिसर में दस्तक दी। इस छापेमारी अभियान में केवल पुलिस बल ही नहीं, बल्कि जिले के कई आला अधिकारी भी शामिल थे।
छापेमारी टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी:
- शैलेंद्र सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक (City SP)
- सुधीर कुमार, प्रभारी पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा
- विकास कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सदर
- अपेक्षा मोदी, DCLR सदर
- अजय कुमार चौधरी, नगर पुलिस उपाधीक्षक (City DSP)
- मुख्यालय DSP एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी।
एक-एक सेल और बैरक की हुई गहन तलाशी
अभियान के दौरान अधिकारियों ने जेल के अंदर पुरुष वार्ड, महिला वार्ड और हाई-सिक्योरिटी सेल की बारीकी से जांच की। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने कैदियों के सामान, बिस्तरों और सेल के गुप्त कोनों की भी तलाशी ली ताकि किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित सामान (जैसे मोबाइल, नशीले पदार्थ या हथियार) का पता लगाया जा सके।
क्या रहा छापेमारी का नतीजा?
घंटों चली इस कड़ी तलाशी के बाद प्रशासन को जेल के भीतर से कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। जिलाधिकारी और एसएसपी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।
”यह एक नियमित सुरक्षा जांच (Routine Raid) थी जिसका उद्देश्य जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखना और किसी भी अवैध गतिविधि पर रोक लगाना है। पूरी प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन किया गया और कोई भी प्रतिबंधित वस्तु नहीं मिली।”
— जिला प्रशासन, भागलपुर
जेल सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
छापेमारी के बाद डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जेल प्रशासन को सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने जेल के अंदर साफ-सफाई और कैदियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।


