Patna News: बिहार सरकार ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग ने मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत ‘सुरक्षित सड़क, कुशल सेवा और बेहतर जीवन-यापन’ पहल की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में अगले 11 महीनों (मई से मार्च 2027) तक व्यावसायिक चालकों के लिए एकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा।
किन्हें मिलेगा प्रशिक्षण?
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का दायरा काफी विस्तृत है। इसमें सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के निबंधित व्यावसायिक चालक हिस्सा ले सकेंगे:
- भारी वाहन (HMV): बस और ट्रक चालक।
- हल्के वाहन (LMV): ऑटो, टैक्सी, ओला और उबर जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े चालक।
ट्रेनिंग के साथ ‘इनाम’ भी: चालकों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
विभाग ने चालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए न केवल उनके प्रशिक्षण का इंतजाम किया है, बल्कि उनके समय की कद्र करते हुए आर्थिक लाभ भी तय किया है:
- प्रोत्साहन राशि: प्रत्येक भाग लेने वाले चालक को 200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- अल्पाहार: प्रशिक्षण के दौरान चालकों को 100 रुपये का अल्पाहार (नाश्ता) भी उपलब्ध कराया जाएगा।
क्या-क्या सीखेंगे चालक?
यह प्रशिक्षण केवल ड्राइविंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जीवन रक्षक कौशलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- यातायात नियम और संकेत: रोड साइन और सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों की बारीकियां।
- गोल्डन ऑवर का महत्व: दुर्घटना के बाद के पहले एक घंटे (गोल्डन ऑवर) में घायलों की जान कैसे बचाई जाए, इसका विशेष प्रशिक्षण।
- त्वरित प्राथमिक उपचार: हादसे की स्थिति में मेडिकल हेल्प पहुँचने से पहले की जाने वाली सहायता।
- सरकारी नीतियां और लाभ: चालकों को बीमा, मुआवजा प्रक्रिया और परिवहन विभाग की नई नीतियों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
सड़क हादसों में कमी लाने का लक्ष्य
परिवहन विभाग का मुख्य उद्देश्य चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। एक प्रशिक्षित चालक न केवल स्वयं सुरक्षित रहता है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। चरणवार तरीके से राज्य के हर जिले में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से लाखों चालकों के लाभान्वित होने की उम्मीद है।
”इस योजना का मकसद सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और राज्य के व्यावसायिक चालकों को अधिक जिम्मेदार और कुशल बनाना है। यह प्रशिक्षण उनके जीवन-यापन के स्तर को भी बेहतर करेगा।” — परिवहन विभाग अधिकारी


