Patna News: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार की तमाम नीतियों, आधुनिक टेक्नोलॉजी और प्रशिक्षण मॉड्यूल का एकमात्र और अंतिम लक्ष्य ‘प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना’ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के शैक्षणिक विकास में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
शिक्षकों के लिए सख्त संदेश: ईमानदारी और उपस्थिति अनिवार्य
उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालय में निर्धारित अवधि तक शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है।
- शिक्षण में ईमानदारी: शिक्षकों को पूरी निष्ठा के साथ पढ़ाना होगा। शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
- पारदर्शी स्थानांतरण: शिक्षकों के स्थानांतरण (Transfer) और पदस्थापन (Posting) के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर मैकेनिज्म को और अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी शिक्षक को परेशानी न हो।
- प्रशिक्षण पर जोर: नई बहाली के बाद शिक्षकों के ट्रेनिंग मॉड्यूल को इतना प्रभावी बनाया जाए कि उसका सीधा लाभ क्लासरूम में बच्चों को मिले।
सॉफ्टवेयर और एनजीओ के कार्यों की होगी नियमित समीक्षा
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने केवल योजनाओं को लागू करने पर ही नहीं, बल्कि उनके परिणाम (Impact Assessment) पर भी ध्यान केंद्रित किया:
- प्रशिक्षण का मूल्यांकन: ट्रेनिंग के बाद शिक्षकों की गुणवत्ता में कितना सुधार आया, इसका नियमित मूल्यांकन होगा।
- NGO की जवाबदेही: शिक्षा विभाग के साथ काम कर रहे एनजीओ (NGO) के कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी कि उनका बच्चों की शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
- कौशल विकास: क्लास-रूम ऑब्जर्वेशन और कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।
सात निश्चय-3 के तहत ‘मॉडल स्कूल’ की तैयारी
समीक्षा बैठक में प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री विक्रम विरकर ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से विभाग की आगामी योजनाओं का खाका पेश किया, जिसमें प्रमुख बिंदु शामिल थे:
- मॉडल स्कूल: सात निश्चय-3 के तहत प्रत्येक प्रखंड (Block) में मॉडल स्कूल बनाने की प्रक्रिया।
- नई नीतियां: स्थानांतरण नीति और पुस्तकालय पात्रता परीक्षा की तैयारी।
- पीएम श्री पोषण योजना: स्कूलों में पोषण और स्वास्थ्य की स्थिति।
- संसाधन: पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता और एनजीओ संबद्धता।
अंतिम लक्ष्य: बच्चों का बेहतर भविष्य
उपमुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी का मुख्य उद्देश्य बच्चों को एक बेहतर और शिक्षित भविष्य देना है। बैठक में निदेशक प्रशासन श्री मनोरंजन कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
”हम जो भी प्रशिक्षण मॉड्यूल या टेक्नोलॉजी अपनाते हैं, उसका फलाफल तभी सफल माना जाएगा जब क्लासरूम में बैठा अंतिम बच्चा भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।” — विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार


