Bhagalpur Crime News: भागलपुर का नाथनगर इलाका एक बार फिर रक्तरंजित हो उठा है। यहाँ एक 17 वर्षीय युवक पर जानलेवा हमला कर उसका गला काटने की कोशिश की गई है। इस ‘हाफ मर्डर’ की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत व्याप्त है। वहीं, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
जानकारी के अनुसार, घटना 25 अप्रैल की रात करीब 9 बजे की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनका 17 वर्षीय बेटा अपनी दुकान के पास खड़ा था, तभी अचानक कुछ असामाजिक तत्व गाली-गलौज करते हुए अवैध हथियारों के साथ वहां पहुंचे।
- जानलेवा हमला: हमलावरों ने युवक को घेर लिया और सीधे उसके गले पर धारदार हथियार से वार कर दिया।
- खून से लथपथ हुआ युवक: वार इतना जबरदस्त था कि युवक वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
- परिजनों पर पत्थरबाजी: जब परिवार के लोग बचाने आए, तो उन पर भी पथराव और मारपीट की गई, जिसमें कई अन्य सदस्य भी चोटिल हुए हैं।
अस्पताल में चल रहा है इलाज
गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल भागलपुर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, युवक की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। परिजनों का कहना है कि यह हमला युवक की जान लेने की नीयत से ही किया गया था।
पुलिस पर गंभीर आरोप: ‘एकतरफा हो रही है जांच’
इस मामले में सबसे बड़ा विवाद पुलिस की भूमिका को लेकर खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि:
- देरी से कार्रवाई: 26 अप्रैल को लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
- धमकी का सिलसिला: आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को केस वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
- विपक्षी पक्ष का ‘काउंटर केस’: परिजनों का आरोप है कि पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण ही विपक्षी पक्ष ने 28 अप्रैल को मनगढ़ंत कहानी बनाकर जवाबी केस दर्ज करा दिया, ताकि मुख्य मामले को कमजोर किया जा सके।
पुलिस का पक्ष
वहीं, नाथनगर थाना पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें मिली हैं और मामले की तहकीकात की जा रही है। पुलिस का दावा है कि निष्पक्ष जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तनावपूर्ण स्थिति
फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि ‘हाफ मर्डर’ जैसे गंभीर मामले में भागलपुर पुलिस कब तक मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजती है।
रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर


