Patna News: भीषण गर्मी के बीच राज्य में पेयजल संकट से निपटने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्यभर की जलापूर्ति योजनाओं की जमीनी हकीकत का गहन विश्लेषण किया गया।
बैठक में जिलों से प्राप्त जांच रिपोर्ट, मोबाइल ऐप और MIS डेटा के साथ-साथ अधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण के दौरान सामने आई वास्तविक स्थितियों को आधार बनाकर योजनाओं की कार्यशीलता पर विस्तार से चर्चा हुई। पाइपलाइन मरम्मत, चापाकलों की स्थिति, स्टैंड पोस्ट की गुणवत्ता, टैंकर से जलापूर्ति व्यवस्था, O&M के तहत बिजली खपत समेत सभी तकनीकी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की गई।
वीसी के जरिए जुड़े जिलों के अधिकारी, हर पहलू पर लिया गया फीडबैक
बैठक में विभाग के विशेष सचिव, अभियंता प्रमुख सहित वरीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिलों में तैनात पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। सचिव ने सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और मोतीपुर समेत विभिन्न डिविजनों की रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए सहायक अभियंताओं से सीधे फीडबैक लिया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां भी तकनीकी या संचालन संबंधी कमियां पाई गई हैं, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही आम जनता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर करने पर जोर दिया गया।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी, एजेंसियों को डिबार करने का निर्देश
सचिव ने उन प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को कड़ी चेतावनी दी, जहां लगातार पेयजल की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी हाल में पेयजल संकट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को डिबार करने का निर्देश दिया गया। हर सर्किल स्तर पर नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने और मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक सख्त निगरानी सुनिश्चित करने की बात कही गई।
रोजाना होगी समीक्षा, शुक्रवार को इन जिलों की बारी
विभाग ने प्रमंडलवार रोस्टर बनाकर रोजाना समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसके तहत शुक्रवार को मोतीपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और हाजीपुर डिविजन की विशेष समीक्षा की जाएगी।
सरकार की प्राथमिकता: हर घर तक स्वच्छ पेयजल
सचिव ने दोहराया कि भीषण गर्मी के दौरान राज्य के हर क्षेत्र में स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हर घर तक साफ पानी पहुंचाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे तय समयसीमा के भीतर कार्यों का अनुपालन सुनिश्चित करें और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराते रहें।


