Patna News: पटना के एमिटी विश्वविद्यालय में गुरुवार को ‘एमिटी फिल्म महोत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव (16-17 अप्रैल) ने पहले ही दिन युवा फिल्मकारों की रचनात्मकता और सांस्कृतिक ऊर्जा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उद्घाटन समारोह में सिनेमा, कला और प्रशासन जगत की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की।
मैथिली ठाकुर ने बिखेरा लोक संस्कृति का जादू
महोत्सव की मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध लोक गायिका और विधायक सुश्री मैथिली ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फिल्में सार्थक कहानियों को समाज तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर उन्होंने मैथिली भाषा में विशेष गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा सेमिनार हॉल बिहार की सांस्कृतिक खुशबू से सराबोर हो गया।
बिहार बनेगा फिल्म निर्माण का नया हब: आईएएस प्रणव कुमार
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार राज्य फिल्म विकास और वित्त निगम के प्रबंध निदेशक प्रणव कुमार (IAS) ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा की अगली बड़ी लहर बिहार के गाँवों और गलियों से निकलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सहायक नीतियों और युवाओं के जुनून के कारण बिहार अब फिल्म निर्माण के लिए एक आशाजनक केंद्र (Promising Hub) के रूप में उभर रहा है।
देशभर से आए 300 से अधिक युवा फिल्मकार
एमिटी यूनिवर्सिटी पटना के कुलपति डॉ. विवेकानंद पांडे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य महत्वाकांक्षी कलाकारों को अपनी प्रतिभा व्यक्त करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करना है।
उद्घाटन दिवस की मुख्य विशेषताएं:
- भारी भागीदारी: देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 50 शिक्षण संस्थानों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
- सिनेमाई विविधता: महोत्सव में करीब 150 लघु फिल्में, रील और वृत्तचित्र (Documentaries) पंजीकृत की गई हैं।
- सांस्कृतिक तड़का: “समूह नृत्य” और “एकांकी नाटक” जैसी प्रतियोगिताओं ने परिसर को एक जीवंत कला केंद्र में बदल दिया।
नवाचार और कहानी कहने का नया अंदाज
महोत्सव के पहले दिन कई पुरस्कार विजेता लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों की स्क्रीनिंग की गई। प्रत्येक फिल्म में युवाओं का एक नया दृष्टिकोण और तकनीकी नवाचार देखने को मिला। छात्रों द्वारा निर्मित रील्स और शॉर्ट फिल्मों ने यह साबित कर दिया कि आने वाले समय में बिहार के ये युवा फिल्मकार वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।


