Bhagalpur News: विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक अभियान ‘भारत की जनगणना-2027’ की शुरुआत आज भागलपुर में भी धमाकेदार तरीके से हुई। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) के साथ इस डिजिटल महाकुंभ की रूपरेखा तय की गई।
स्व-गणना पोर्टल (Self Enumeration) पर जोर
डीएम ने स्पष्ट किया कि 17 अप्रैल से 01 मई 2026 तक चलने वाली ‘स्व-गणना’ की प्रक्रिया इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता है। नागरिक सीधे पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने बारी-बारी से सभी प्रखंडों की प्रगति रिपोर्ट जांची और जिन प्रखंडों में कार्य की गति अच्छी है, उनकी सराहना की।
‘पहले खुद करें, फिर दूसरों को सिखाएं’ का मंत्र
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जनगणना कार्य में तेजी लाने के लिए एक विशेष रणनीति साझा की:
- कर्मचारियों का प्रशिक्षण: पंचायत स्तर के सभी कार्यपालक सहायकों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रशिक्षित करने का निर्देश।
- अनिवार्यता: सबसे पहले सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपना डेटा स्व-गणना पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
- क्षेत्रीय जागरूकता: अपना डेटा अपलोड करने के बाद ये कर्मी ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में क्षेत्र में जाकर आम जनता को डिजिटल गणना के लिए प्रशिक्षित करेंगे।
दो दिनों का अल्टीमेटम और फील्ड मॉनिटरिंग
डीएम ने कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगले दो दिनों के भीतर स्व-गणना की प्रगति में सकारात्मक उछाल दिखना चाहिए। इसके लिए उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल दफ्तर में न बैठें, बल्कि सीधे फील्ड में जाकर टीमों के कार्य का निरीक्षण करें।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैद दिखी, जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- उप विकास आयुक्त (DDC): प्रदीप कुमार सिंह
- अपर समाहर्ता: दिनेश राम
- अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था): राकेश रंजन
- अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन): कुंदन कुमार
- संयुक्त निदेशक जनसंपर्क: नागेंद्र कुमार गुप्ता


