Bhagalpur News: भागलपुर जिले में जन शिकायतों के निपटारे में हो रही देरी को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने समीक्षा भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लंबित मामलों की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु: त्वरित निष्पादन पर जोर
1. दो से तीन दिनों की समय-सीमा: जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी विभागीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जितने भी जन शिकायत के मामले लंबित हैं, उनका निष्पादन आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर सुनिश्चित करें।
2. पोर्टल पर अपडेट होगी रिपोर्ट: पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आईटी प्रबंधक को विशेष निर्देश दिए गए हैं। अब हर विभाग के पास लंबित मामलों का पूरा विवरण ‘भागलपुर एडमिनिस्ट्रेशन’ के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि शिकायतों की स्थिति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके।
3. विभागवार जवाबदेही तय: समीक्षा के दौरान हर कार्यालय को उनके पास लंबित पड़े आवेदनों की संख्या से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलों को दबाकर रखने की संस्कृति को खत्म करना होगा और तय समय सीमा के अंदर पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करनी होगी।
बैठक में मौजूद रहे जिले के आला अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:
- प्रदीप कुमार सिंह (उप विकास आयुक्त)
- दिनेश राम (अपर समाहर्ता)
- राकेश रंजन (अपर समाहर्ता, विधि व्यवस्था)
- धीरेंद्र कुमार (जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी)
- नागेंद्र कुमार गुप्ता (संयुक्त निदेशक जनसंपर्क)
- जनार्दन प्रसाद सिंह (जिला परिवहन पदाधिकारी)
- विकास कुमार (अनुमंडल पदाधिकारी सदर)
- डॉ. अशोक कुमार (सिविल सर्जन)
- राजकुमार शर्मा (जिला शिक्षा पदाधिकारी)
इस बैठक से यह साफ है कि भागलपुर जिला प्रशासन अब जन शिकायतों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। पोर्टल पर डेटा अपलोड होने से न केवल अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी अपनी शिकायतों की स्थिति जानने में आसानी होगी।


