कोलकाता/भागलपुर: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में “यात्री सर्वोपरि” के मंत्र को सिद्ध करते हुए पूर्व रेलवे (Eastern Railway) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, पूर्व रेलवे ने ‘रेल मदद’ पोर्टल पर शिकायतों के निपटान का औसत समय घटाकर मात्र 28 मिनट कर दिया है।
रेलवे बोर्ड के मानकों से भी तेज़ समाधान
पूर्व रेलवे द्वारा शिकायतों के निपटान में किया गया यह सुधार रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित समय सीमा से भी काफी कम है। इसका सीधा लाभ उन यात्रियों को मिल रहा है जो यात्रा के दौरान किसी समस्या का सामना करते हैं। अब यात्रियों की शिकायतों का समाधान उनकी यात्रा पूरी होने से पहले ही “रियल टाइम” में किया जा रहा है।
प्रमुख सुधार और उपलब्धियां:
- तेज़ी: शिकायतों के निपटान का औसत समय अब मात्र 28 मिनट है।
- फीडबैक: 52.79% यात्रियों ने समाधान मिलने के बाद पूर्व रेलवे की सेवा को “Excellent” (उत्कृष्ट) रेटिंग दी है।
- शिकायतों में कमी: पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले कुल शिकायतों में 1.79% की गिरावट दर्ज की गई है, जो बेहतर सर्विस का प्रमाण है।
- फोकस एरिया: स्वच्छता, कोच मेंटेनेंस, खानपान, पानी की उपलब्धता और कर्मचारियों के व्यवहार जैसी श्रेणियों में विशेष सुधार हुआ है।
महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर का विजन
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में डिजिटल आधुनिकीकरण और 24×7 निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। संभागीय नियंत्रण कक्षों में उन्नत निगरानी और फील्ड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय की वजह से ही यह त्वरित समाधान संभव हो पाया है। प्रशासन अब हर शिकायत को सेवा सुधारने के एक अवसर के रूप में देख रहा है।
अधिकारियों का बयान
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा:
“हमारे यात्री ही पूर्व रेलवे के हर कार्य का केंद्र हैं। रेल मदद के रिस्पॉन्स टाइम में यह ऐतिहासिक सुधार हमारी टीम की चौबीसों घंटे की कड़ी मेहनत का परिणाम है। हमारा लक्ष्य हर यात्रा को सुरक्षित और परेशानी मुक्त बनाना है।”


