Bhagalpur News: युवाओं और बच्चों को नशे की अंधेरी दुनिया से बचाने के लिए भागलपुर के अलीगंज में एक सशक्त मुहिम की शुरुआत हुई है। कन्या मध्य विद्यालय, अलीगंज में ‘क्विट करो’ (Quit KRO) पहल के तहत “से नो टू एडिक्शन” कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के नशा उन्मूलन कार्यक्रम ‘बोध’ और ‘नारी शक्ति’ के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किए गए ‘संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को “पहली बार मना करने” (Say No to First Use) का मूलमंत्र दिया गया।
यह कार्यशाला पूज्य गुरुदेव आशुतोष महाराज जी के पावन मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसका उद्देश्य भावी पीढ़ी को नशे के जाल में फंसने से पहले ही जागरूक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है।
“पहली बार मना करना ही असली जीत”: विशेषज्ञों की राय
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बच्चों को मनोवैज्ञानिक पहलुओं से अवगत कराते हुए बताया कि नशे की लत कभी भी जानबूझकर नहीं, बल्कि ‘सिर्फ एक बार चखने’ की जिज्ञासा से शुरू होती है।
- पीयर प्रेशर से बचें: अक्सर बच्चे दोस्तों के दबाव में आकर नशे का पहला कदम उठाते हैं। कार्यशाला में उन्हें सिखाया गया कि कैसे साहस के साथ दोस्तों को ‘ना’ कहें।
- दुष्प्रभावों पर चर्चा: छात्रों को नशे से होने वाली शारीरिक क्षति, मानसिक तनाव और शैक्षणिक गिरावट के बारे में विस्तार से समझाया गया।
संकल्प अभियान: 5 वर्षों की बड़ी योजना
यह कार्यशाला किसी एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि एक पंचवर्षीय मुहीम का हिस्सा है। डीजेजेएस बोध और वाईपीएसएस के पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यदि बच्चा पहली बार नशे को मना करना सीख जाए, तो वह जीवन भर सुरक्षित रह सकता है।
वरिष्ठ आयोजक का संदेश:
“गुरुदेव आशुतोष महाराज जी का विजन एक नशामुक्त समाज का है। हम बच्चों को नशे की पहली बूंद से दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं। अगर हमारा युवा ‘पहली बार ना’ कहना सीख जाए, तो नशामुक्त भारत का सपना दूर नहीं।”
कार्यशाला की मुख्य विशेषताएं: आंकड़ों की जुबानी
- भारी भागीदारी: अलीगंज के इस विद्यालय से 200 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने इस मुहिम में हिस्सा लिया।
- इंटरएक्टिव सत्र: कार्यक्रम को बोझिल बनाने के बजाय संवादात्मक रखा गया, जहाँ बच्चों ने खुलकर अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं।
- शपथ पत्र: सभी प्रतिभागियों को “नशा मुक्ति शपथ पत्र” दिए गए, जिस पर उन्होंने आजीवन नशा न करने का लिखित संकल्प लिया।
स्वामी संसदानंद जी का आभार और भविष्य का लक्ष्य
कार्यक्रम के सफल समापन पर शाखा समन्वयक स्वामी संसदानंद जी ने कहा कि ‘क्विट करो’ पहल के तहत आने वाले समय में भागलपुर के अन्य स्कूलों में भी इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक स्वस्थ और सशक्त युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य बदल सकती है।
अंत में, पूरे स्कूल परिसर ने एक स्वर में “से नो टू एडिक्शन” का नारा लगाया, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।


