Patna News: बिहार में बढ़ते पारे और ‘हीट वेव’ (लू) की आहट के बीच राज्य सरकार ने पेयजल आपूर्ति को लेकर अपनी कमर कस ली है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि गर्मी के इस मौसम में राज्य के किसी भी कोने में पानी की किल्लत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्य में 92% परिवारों तक पहुँचा ‘नल का जल’
समीक्षा बैठक में राज्य की जलापूर्ति योजनाओं की वर्तमान स्थिति के आंकड़े पेश किए गए:
- विशाल नेटवर्क: बिहार में वर्तमान में कुल 1,29,095 जलापूर्ति योजनाएं संचालित हैं।
- उपलब्धि: राज्य के लगभग 92% परिवार (करीब 186.20 लाख घर) अब नल से जल प्राप्त कर रहे हैं।
- क्वालिटी चेक: पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में 114 प्रयोगशालाएं (1 राज्य स्तरीय, 38 जिला और 75 अनुमंडल स्तरीय) चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।
लू से निपटने के लिए ‘वॉर रूम’ तैयार
भीषण गर्मी में पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए PHED ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है:
- चापाकल मरम्मत अभियान: राज्य के 8.76 लाख चापाकलों में से अब तक 1.15 लाख की मरम्मत पूरी की जा चुकी है।
- मोबाइल रिपेयरिंग यूनिट: किसी भी खराबी को तुरंत ठीक करने के लिए 525 चलंत मरम्मती दल तैनात किए गए हैं।
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: जनता की शिकायतों के लिए 1800-123-1121 टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है, जो 24×7 कार्यरत रहेगा।
मुख्य सचिव के कड़े निर्देश: “24 घंटे में दूर हो खराबी”
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने बिजली, मानदेय और तकनीकी कारणों से बंद पड़ी योजनाओं पर नाराजगी जताई और निम्नलिखित निर्देश दिए:
- 24 घंटे की डेडलाइन: मुख्य सचिव ने कहा कि जहाँ भी पाइपलाइन लीक है या चापाकल खराब है, उसे 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से ठीक किया जाए।
- वॉटर स्ट्रेस्ड एरिया में टैंकर: जिन क्षेत्रों में जलस्तर नीचे चला गया है, वहां तुरंत पानी के टैंकरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- बिजली विभाग से तालमेल: बिजली की वजह से बंद पड़ी योजनाओं को शुरू करने के लिए विद्युत विभाग के साथ तत्काल समन्वय बनाने का निर्देश दिया।
- पंप चालकों का मानदेय: योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए पंप ऑपरेटरों के लंबित मानदेय का भुगतान तुरंत करने का आदेश दिया गया है।
- ग्राउंड रिपोर्ट और फीडबैक: अधिकारी केवल दफ्तर में न बैठें, बल्कि क्षेत्रों का दौरा कर जनप्रतिनिधियों और जनता से सीधा फीडबैक लें।
शिकायतों पर होगी त्वरित कार्रवाई
मुख्य सचिव ने जोर दिया कि कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली हर शिकायत का निष्पादन समय सीमा के भीतर होना चाहिए। सरकार का लक्ष्य है कि ‘हीट वेव’ के दौरान बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
इस बैठक में पीएचईडी के वरीय अधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे।


