Patna News: बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और सिंचाई नेटवर्क को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार बेहद गंभीर है। इसी कड़ी में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आज मंडई वीयर (Mandai Weir) और उससे जुड़ी मुख्य नहर प्रणाली की प्रगति की हाई-लेवल समीक्षा की। 232.83 करोड़ रुपये की इस परियोजना में संसाधनों की कमी देख मुख्य सचिव ने सख्त नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को ‘वॉर-फुटिंग’ (युद्धस्तर) पर काम करने का आदेश दिया।
प्रगति रिपोर्ट: कहाँ तक पहुँचा काम?
बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्य सचिव को अवगत कराया गया कि परियोजना के विभिन्न हिस्सों पर काम चल रहा है। 06 अप्रैल 2026 के बाद से हुई प्रगति के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कररूआ डिस्ट्रीब्यूटरी: यहाँ सबसे अच्छी प्रगति देखी गई है, जहाँ 4.50% की बढ़त के साथ कुल 65.55% काम पूरा हो चुका है।
- लेफ्ट हेड रेगुलेटर (Left H/R): इसका 62.10% भौतिक कार्य संपन्न हो गया है।
- मुख्य नहरें (RMC & LMC): दायां मुख्य नहर (RMC) का 48.95% और बायां मुख्य नहर (LMC) का 53.60% काम पूरा हुआ है।
- एफ़्लक्स बंद: लेफ्ट एफ़्लक्स बंद का 33.50% और राइट एफ़्लक्स बंद का 33.30% कार्य पूरा कर लिया गया है।
मुख्य सचिव के कड़े निर्देश: संसाधनों की कमी पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने पाया कि कई साइट्स पर लेबर और मशीनों (एक्सकेवेटर, टिपर) की संख्या मानक से कम है। इस पर उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:
- संसाधनों में तत्काल वृद्धि: मुख्य सचिव ने दोटूक कहा कि मैनपावर और मशीनरी की कमी को तुरंत दूर किया जाए। काम की गति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त लेबर और उपकरण तैनात किए जाएं।
- मानसून ‘डेडलाइन’: बारिश का मौसम शुरू होने से पहले मिट्टी (Earthwork) और लाइनिंग के सभी महत्वपूर्ण कार्यों को हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि मानसून में काम प्रभावित न हो।
- मिट्टी की बाधा होगी दूर: जिन क्षेत्रों में मिट्टी की उपलब्धता या परिवहन (Transport) की समस्या है, वहां जिला प्रशासन के सहयोग से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- साप्ताहिक रिपोर्टिंग: अब इस परियोजना की निगरानी केवल दफ्तरों से नहीं होगी। वरीय अधिकारियों को नियमित साइट विजिट करने और हर हफ्ते प्रगति रिपोर्ट (Weekly Progress Report) सौंपने का आदेश दिया गया है।
- पेंडिंग फाइलों का निपटारा: निविदा (Tender) प्रक्रिया और तकनीकी स्वीकृतियों के जो भी मामले लंबित हैं, उन्हें तत्काल क्लियर करने का निर्देश दिया गया है।
किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि मंडई वीयर परियोजना बिहार के एक बड़े ग्रामीण क्षेत्र के लिए जीवन रेखा है। इसके पूर्ण होते ही हजारों एकड़ भूमि तक सिंचाई का पानी पहुँचेगा, जिससे न केवल पैदावार बढ़ेगी बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और संवेदक (Contractors) भी शामिल हुए।


