Bhagalpur News: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उपजे संकट का जायजा लेने आज स्वयं मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी भागलपुर पहुँचे। मुख्यमंत्री ने सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य में एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य बिंदु: मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण और निर्देश
- वरीय अधिकारियों के साथ जायजा: मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और एनएच (NH) के वरीय अभियंताओं के साथ स्थिति की समीक्षा की। मौके पर BRO के जीएम भी तकनीकी परामर्श के लिए उपस्थित रहे।
- शीघ्र बहाली की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने कहा कि आवागमन बाधित होने से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए युद्धस्तर पर पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने का आदेश दिया।
- वैकल्पिक यातायात की समीक्षा: हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा नदी पर संचालित वैकल्पिक नाव सेवा और जेटी (Jetty) व्यवस्था का भी बारीकी से अवलोकन किया।
ग्राउंड रिपोर्ट: बरारी और बाबूपुर घाट पर पुख्ता इंतजाम
प्रशासन द्वारा विक्रमशिला सेतु का विकल्प ढूंढते हुए बरारी और बाबूपुर घाट से महादेवपुर (नवगछिया) तक बड़े पैमाने पर नावों का संचालन किया जा रहा है।
- निशुल्क और सशुल्क सेवा: सरकारी नावों पर यात्रा पूरी तरह निशुल्क है। निजी नावों के लिए प्रशासन ने दरें तय कर दी हैं:
- प्रति व्यक्ति: 50 रुपये
- प्रति बाइक: 50 रुपये
- 12 साल से कम बच्चे: 25 रुपये
- घाट पर सुविधाएं: यात्रियों की सुविधा के लिए घाटों पर रोशनी, पेयजल, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस और शौचालय की व्यवस्था की गई है। क्षमता से अधिक यात्री नाव पर न चढ़ें, इसके लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रशासनिक मुस्तैदी
निरीक्षण के दौरान जमीनी स्तर पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, एसएसपी श्री प्रमोद कुमार यादव और अन्य वरीय पदाधिकारी बरारी घाट पर मुस्तैद रहे। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि जब तक पुल ठीक नहीं होता, तब तक यात्रियों को गंगा पार करने में किसी भी प्रकार की जान-माल की जोखिम न उठानी पड़े।
क्या है मामला? बता दें कि 3 मई की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब अचानक क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद पुल पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाला यातायात ठप पड़ा है।


