Patna News: पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई Janata Dal (United) की अहम बैठक में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चा सामने आई। बैठक में मौजूद कई विधायक और वरिष्ठ नेता इस फैसले से हैरान और भावुक नजर आए। कई नेताओं ने मुख्यमंत्री से अपने निर्णय पर एक बार फिर विचार करने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान कई विधायकों ने खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और कहा कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की सक्रिय भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। नेताओं का मानना है कि राज्य की राजनीति में उनका मार्गदर्शन और नेतृत्व अभी भी जरूरी है।
नेताओं ने फैसले पर जताई चिंता
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जेडीयू के वरिष्ठ नेता Vijay Kumar Chaudhary ने कहा कि उन्हें इस तरह के फैसले की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि बैठक में मौजूद कई नेताओं ने मुख्यमंत्री को मनाने की कोशिश की।
उनके मुताबिक, यह पल कई नेताओं के लिए भावुक था और बैठक के दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं। पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे राज्यसभा जाने के फैसले पर एक बार फिर गंभीरता से विचार करें।
वरिष्ठ नेताओं ने भी की पुनर्विचार की अपील
बैठक में जेडीयू के वरिष्ठ नेता Bijendra Prasad Yadav ने भी मुख्यमंत्री से अपने फैसले पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का अनुभव और नेतृत्व पार्टी के लिए बेहद अहम है।
हालांकि मुख्यमंत्री ने नेताओं को भरोसा दिलाया कि अगर वे राज्यसभा जाते भी हैं तो उनका ध्यान बिहार की राजनीति और पार्टी संगठन पर बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वे बिहार में ही रहकर पार्टी और राज्य की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनाए रखेंगे।
नेताओं को दिया भरोसा
बैठक के बाद जेडीयू के प्रवक्ता Neeraj Kumar ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बैठक का माहौल भावनात्मक जरूर था, लेकिन मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं को आश्वस्त किया कि उनके फैसले से पार्टी की दिशा और संगठन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि वे पार्टी के हर फैसले और बिहार की राजनीति पर लगातार नजर रखेंगे।
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के बेटे Nishant Kumar के सक्रिय राजनीति में आने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। कई विधायकों ने कहा कि पार्टी की नई पीढ़ी को आगे आने का मौका मिलना चाहिए।
बताया गया कि लंबे समय से जेडीयू के कई नेता चाहते थे कि निशांत कुमार पार्टी की सक्रिय राजनीति में भूमिका निभाएं। बैठक में इस प्रस्ताव को कई विधायकों का समर्थन मिला और बाद में निशांत कुमार ने भी सक्रिय राजनीति में आने के लिए सहमति जता दी।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
निशांत कुमार के राजनीति में आने की सहमति के बाद बैठक का माहौल कुछ हद तक सकारात्मक नजर आया। पार्टी नेताओं का मानना है कि इससे संगठन में नई ऊर्जा आएगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ेगा।
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की लंबे समय से यह इच्छा रही है कि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आएं। उनका मानना है कि इससे पार्टी को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने की चर्चा
हालांकि जेडीयू का नेतृत्व फिलहाल पूरी तरह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों में ही है, लेकिन पार्टी के अंदर नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आते हैं तो यह जेडीयू में नेतृत्व के अगले चरण की शुरुआत हो सकती है।
क्या सच में राज्यसभा जाएंगे Nitish Kumar? जेडीयू बैठक में भावुक माहौल, नेताओं ने फैसले बदलने की लगाई गुहार
पटना में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में कई विधायक और नेता भावुक नजर आए, राज्यसभा जाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग; वहीं बेटे Nishant Kumar के सक्रिय राजनीति में आने पर भी बनी सहमति
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