Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में अतिक्रमणकारियों और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा जमाए लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है। गुरुवार को शहर के सबसे व्यस्त और रिहायशी इलाके तिलकामांझी चौक पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ ‘रिमझिम होटल’ को ढहाने पहुंची। देखते ही देखते प्रशासन के बुलडोजर ने होटल के अवैध हिस्से को जमींदोज कर दिया।
99 साल की लीज खत्म, फिर भी जमा था कब्जा
जानकारी के अनुसार, रिमझिम होटल की जमीन नगर निगम से 99 साल की लीज पर ली गई थी। लीज की अवधि काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी थी, लेकिन होटल संचालक ने परिसर को खाली नहीं किया। नगर निगम द्वारा कई बार नोटिस जारी किए गए और चेतावनी भी दी गई, लेकिन संचालक की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आखिरकार यह मामला अदालत की दहलीज तक पहुंचा।
कोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल के साथ एक्शन
अदालत से आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने बिना देरी किए कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार को कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए:
- सुरक्षा घेरा: तीन थानों की पुलिस फोर्स और भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे।
- अधिकारी मौजूद: मौके पर खुद दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और नगर निगम के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
- बैरिकेडिंग: अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे इलाके को घेर लिया गया था, जिससे राहगीरों और भीड़ को दूर रखा जा सके।
जब चलने लगा बुलडोजर…
प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचते ही होटल को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की और उसके बाद बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण को हटाना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान काफी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी की वजह से स्थिति नियंत्रण में रही और बिना किसी बड़े विरोध के होटल के अवैध कब्जे को हटा दिया गया।
प्रशासन की सीधी चेतावनी: अब किसी की खैर नहीं
मौके पर मौजूद दंडाधिकारी राजेश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि शहर में अतिक्रमण को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
”लीज खत्म होने के बाद भी सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाए रखना गैर-कानूनी है। हमने कई बार नोटिस दिया था, लेकिन पालन न होने पर कोर्ट के आदेशानुसार यह कार्रवाई की गई है। शहर में जहां भी अवैध कब्जा है, वहां बुलडोजर का चलना जारी रहेगा।” — राजेश कुमार, दंडाधिकारी
शहर में हड़कंप का माहौल
तिलकामांझी जैसे प्रमुख चौराहे पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद शहर के अन्य बड़े अतिक्रमणकारियों और अवैध रूप से सरकारी जमीन पर काबिज लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि आने वाले दिनों में भागलपुर की सड़कों और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान और तेज होगा।


