Patna News: बिहार के गन्ना उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को ईखायुक्त अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय ‘गन्ना परामर्शदात्री समिति’ का गठन किया गया। इस समिति का मुख्य उद्देश्य गन्ने की उत्पादकता में सुधार करना और चीनी मिलों के साथ किसानों का बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
समिति की संरचना: विशेषज्ञों और किसानों का अनूठा संगम
इस नई समिति में तकनीकी विशेषज्ञों से लेकर जमीनी स्तर के किसानों तक को जगह दी गई है, ताकि निर्णय समावेशी हों:
- अध्यक्ष: अनिल कुमार झा (ईखायुक्त)।
- प्रमुख सदस्य: निदेशक (ईख अनुसंधान संस्थान, पूसा) और निदेशक (गन्ना प्रजनक संस्थान, कोयंबटूर)।
- सदस्य सचिव: ईख विकास के संयुक्त निदेशक या उपनिदेशक।
- प्रतिनिधि: राज्य की सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक और सभी सहायक निदेशक (ईख विकास)।
- किसानों की भागीदारी: प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र से एक-एक मनोनीत किसान और गैर-चीनी मिल क्षेत्रों से अधिकतम पांच प्रगतिशील किसानों को सदस्य बनाया गया है।
क्या होंगे इस समिति के मुख्य कार्य?
गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार, यह समिति केवल कागजी नहीं बल्कि धरातल पर बदलाव लाने के लिए काम करेगी:
- योजनाओं का निर्माण: गन्ना विकास के लिए नई योजनाओं का सूत्रण और उनकी मॉनिटरिंग करना।
- गुणवत्ता में सुधार: गन्ने की नई किस्मों और उन्नत खेती के तरीकों पर परामर्श देना।
- इनोवेशन: चीनी उद्योग में नए तकनीकी घटकों और इनोवेटिव आइडियाज को लागू करने के सुझाव देना।
- समग्र विकास: गन्ना आधारित उद्योगों और किसानों के हित से जुड़े हर आवश्यक विषय पर सरकार को सलाह देना।
जरूरत पड़ने पर शामिल होंगे बाहरी विशेषज्ञ
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता हुई, तो समिति में अन्य विभागों के अधिकारियों और कृषि क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकता है। इससे बिहार के गन्ना क्षेत्र को ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुसार विकसित करने में मदद मिलेगी।


