Bhagalpur News: भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज गोलीकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अपराधियों की गोलियों का शिकार हुए नगर परिषद सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू की स्थिति अभी भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है। वहीं, इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है।
पटना में जिंदगी की जंग लड़ रहे सभापति
नगर परिषद कार्यालय के भीतर अपराधियों ने सभापति राजकुमार गुड्डू को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। गोलियां उनके सिर और फेफड़ों के पास लगी हैं। भागलपुर में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में पटना (PMCH) रेफर किया गया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है, लेकिन सिर में लगी गोली के कारण उनकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
साहस दिखाते हुए शहीद हुए EO कृष्ण भूषण कुमार
इस हमले के दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। जब अपराधी सभापति पर गोलियां बरसा रहे थे, तब उन्होंने निहत्थे ही अपराधियों को रोकने की कोशिश की। इस बीच अपराधियों ने उन्हें भी लक्ष्य बनाकर करीब से चार गोलियां मारीं। अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता राशि और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा की है।
पुलिस का बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी का एनकाउंटर
घटना के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर गठित SIT ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कामयाबी हासिल की। हत्याकांड का मास्टरमाइंड माना जाने वाला रामधनी यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं।
हमले के पीछे ‘टेंडर’ और ‘अतिक्रमण’ का विवाद
शुरुआती जांच और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस खूनी संघर्ष के पीछे नगर परिषद के करोड़ों के टेंडर (पार्किंग और घाट बंदोबस्ती) का विवाद सामने आ रहा है। साथ ही, हाल के दिनों में शहर में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने भी अपराधियों को नाराज कर दिया था। पुलिस अब उन सफेदपोश चेहरों की तलाश कर रही है, जिन्होंने इन अपराधियों को पनाह दी थी।
सिल्क सिटी और सुल्तानगंज में भारी तनाव
इस घटना के बाद से सुल्तानगंज के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सभापति के समर्थक लगातार उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि फरार चल रहे अन्य दो शूटरों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।


