Crime News: बिहार के चर्चित सुल्तानगंज गोलीकांड में अब सीआईडी (CID) की एंट्री हो गई है। पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी रामधनी यादव की मौत के बाद उपजे विवाद और संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईडी के डीआईजी जयंत कांत और विभाग के एसपी ने खुद घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि मृतक रामधनी यादव सुल्तानगंज नगर परिषद की उप-सभापति नीलम देवी के पति थे।
घटनास्थल पर घंटों चली जांच
बुधवार को सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय पहुंची। डीआईजी जयंत कांत ने घटनास्थल का चप्पा-चप्पा छाना और घटनाक्रम को रिक्रिएट करने की कोशिश की।
- बारीकी से मुआयना: टीम ने उन बिंदुओं की जांच की जहां से फायरिंग शुरू हुई थी।
- साक्ष्यों का संकलन: जांच टीम ने पुलिस टीम और प्रत्यक्षदर्शियों से जुड़े इनपुट भी लिए।
- अधिकारियों को निर्देश: जांच के दौरान डीआईजी ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को मामले से जुड़े हर छोटे सबूत को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि सुल्तानगंज गोलीकांड का मुख्य आरोपी रामधनी यादव पुलिस की गिरफ्त में था। पुलिस टीम उसे गुप्त सूचना के आधार पर हथियार बरामदगी के लिए ले जा रही थी। पुलिस के मुताबिक:
- हथियार बरामदगी के दौरान रामधनी के सहयोगियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
- खुद को बचाने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल हो गया।
- उसे इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उप-सभापति के पति होने से बढ़ा सियासी पारा
रामधनी यादव की पत्नी नीलम देवी नगर परिषद की उप-सभापति हैं, जिसके कारण इस एनकाउंटर पर सवाल भी उठ रहे हैं और यह चर्चा का केंद्र बना हुआ है। परिजनों और समर्थकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है, जिसे देखते हुए प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।
CID जांच से क्या निकलेगा निष्कर्ष?
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई है। डीआईजी जयंत कांत का स्वयं घटनास्थल पर पहुंचना यह दर्शाता है कि विभाग किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहता। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई इस मुठभेड़ की सत्यता और कानूनी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
“सीआईडी की टीम पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — जांच अधिकारी का संकेत
रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर


