Bhagalpur News: बिहार की शैक्षणिक धरती भागलपुर में आज शिक्षा के एक नए स्वरूप का गवाह बना। जिला शिक्षा विभाग और इन्वॉल्व लर्निंग सॉल्यूशंस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय (CTE) के प्रशाल में “शिक्षा नवाचार व सफलता का संगम 2.0” कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल उपलब्धियों का जश्न था, बल्कि भविष्य की ‘बाल-केंद्रित’ शिक्षा की एक जीवंत झलक भी थी।
200 से अधिक प्रतिभागियों का जोश और उत्साह
इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में भागलपुर के सभी 17 प्रखंडों से आए लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें प्रधानाध्यापक, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल थे। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसका मंच संचालन, स्टॉल प्रदर्शनी और अधिकांश गतिविधियों का प्रबंधन पूरी तरह से छात्रों ने स्वयं किया। बच्चों के इस नेतृत्व कौशल और आत्मविश्वास ने वहां मौजूद हर शख्स को प्रभावित किया।
प्रमुख अतिथियों ने की बच्चों की हौसला अफजाई
- मुख्य अतिथि: क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, श्री अहसन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- विशेष उपस्थिति: संयुक्त निदेशक सह जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, नागेंद्र कुमार गुप्ता ने उद्घाटन से पूर्व स्टॉल्स का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार किए गए नवाचारों की सराहना की और उनका मनोबल बढ़ाया।
पैनल चर्चा: जब छात्रा ने साझा किए दिग्गजों के साथ विचार
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक विशेष पैनल चर्चा रही। जहाँ एक तरफ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा), DIET के व्याख्याता और गुणवत्ता शिक्षा समन्वयक जैसे अनुभवी शिक्षाविद थे, वहीं दूसरी ओर राजकीय मध्य विद्यालय, तेलघी की कक्षा 7 की छात्रा गौरी कुमारी ने भी पैनलिस्ट के रूप में अपनी बात रखी। गौरी के अनुभवों ने यह साबित कर दिया कि यदि सही अवसर मिले, तो सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी से कम नहीं हैं।
सांस्कृतिक वैभव और नवाचार की प्रदर्शनी
विद्यार्थियों ने अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय देते हुए निम्नलिखित प्रस्तुतियां दीं:
- कलाकृति प्रदर्शनी: बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडल्स और पेंटिंग्स ने उनकी रचनात्मकता को दर्शाया।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: गायन, वादन, भाषण और नृत्य के माध्यम से बच्चों ने अपनी कला का लोहा मनवाया।
- सीखने का नया तरीका: छात्रों ने बताया कि कैसे पीयर लर्निंग (साथियों से सीखना) और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (PBL) के जरिए शिक्षा अब बोझ नहीं, बल्कि एक सुखद अनुभव बन गई है।
पीयर लर्निंग: भविष्य की ओर बढ़ते कदम
इन्वॉल्व लर्निंग सॉल्यूशंस फाउंडेशन और शिक्षा विभाग के सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘निपुण भारत’ के लक्ष्यों को प्राप्त करना है। इसके माध्यम से छात्रों में:
- नेतृत्व क्षमता (Leadership)
- निर्णय लेने की योग्यता (Decision Making)
- 21वीं सदी के कौशल (Critical Thinking) का विकास किया जा रहा है।
निष्कर्ष एवं सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर सभी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भागलपुर का शिक्षा विभाग नवाचारों को अपनाने और विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
“शिक्षा का असली उद्देश्य बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा को बाहर लाना है, और आज का यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक सफल कदम है।” — आयोजन समिति


