Purnia News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग (Vigilance Department) का अभियान लगातार जारी है। पूर्णिया में विभाग ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्णिया पूर्व प्रखंड के राजस्व कर्मचारी (हल्का कर्मचारी) लाल बाबू रजक को ₹40,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि इस खेल में कर्मचारी की एक निजी महिला सहयोगी भी शामिल थी, जिसे भी हिरासत में लिया गया है।
जमीन के मामले में मांगी थी ₹50,000 की रिश्वत
निगरानी विभाग के डीएसपी अमरेंद्र कुमार विद्यार्थी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हल्का कर्मचारी लाल बाबू रजक ने एक जमीन संबंधी मामले को सुलझाने के एवज में ₹50,000 की मांग की थी। पीड़ित द्वारा शिकायत किए जाने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया। सौदेबाजी के दौरान राशि ₹40,000 तय हुई। मामला सही पाए जाने पर पटना स्थित निगरानी थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और एक विशेष टीम का गठन कर पूर्णिया भेजा गया।
महिला सहयोगी के पर्स से बरामद हुई रिश्वत की रकम
निगरानी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही पीड़ित ने रिश्वत की राशि कर्मचारी को दी, टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत के ₹40,000 एक महिला के पर्स से बरामद किए गए। यह महिला हल्का कार्यालय में लाल बाबू रजक के निजी सहयोगी के तौर पर कार्य करती है। निगरानी टीम ने साक्ष्य छिपाने और सहयोग करने के आरोप में महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पूर्णिया में दूसरे दिन भी चला निगरानी का डंडा
बताते चलें कि पूर्णिया में भ्रष्टाचार पर यह लगातार दूसरी बड़ी चोट है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी 16 अप्रैल को भी निगरानी की टीम ने शिक्षा विभाग के एक इंजीनियर भूषण प्रसाद को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। दो दिनों में दो बड़ी गिरफ्तारियों से जिले के सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।


