Patna News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर नल का जल’ की सफलता को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। मंगलवार को विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने मुंगेर, लखीसराय और जमुई प्रमंडलों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सेवा में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।
फील्ड विजिट से गायब रहने वाले सहायक अभियंता पर गिरेगी गाज
समीक्षा बैठक में उस वक्त हड़कंप मच गया जब यह तथ्य सामने आया कि मुख्यालय द्वारा निरीक्षण के लिए नामित सहायक अभियंता अपनी ड्यूटी छोड़कर फील्ड विजिट पर नहीं गए। सचिव ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उक्त अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। सचिव ने दो टूक कहा कि केवल कागजों पर काम दिखाने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
काम में लापरवाही पर ‘अनिवार्य सेवानिवृत्ति’ (CRS) का अल्टीमेटम
बैठक के दौरान सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उन्हें CRS (अनिवार्य सेवानिवृत्ति) दे दी जाएगी।
- लखीसराय और मुंगेर के कार्यपालक अभियंताओं को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है।
- अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पाइपलाइन में लीकेज या किसी भी प्रकार की क्षति को तत्काल ठीक किया जाए ताकि जलापूर्ति बाधित न हो।
CGRC पर लंबित शिकायतों का होगा त्वरित निपटारा
सचिव ने केंद्रीकृत शिकायत निवारण केंद्र (CGRC) पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को हो रही परेशानी विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। मुंगेर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया कि लंबित योजनाओं को मिशन मोड में पूरा करें।
निरीक्षण के लिए कड़े निर्देश: अब ग्राउंड जीरो पर होगी जांच
विभागीय सचिव ने केवल सहायक ही नहीं, बल्कि अधीक्षण अभियंता को भी नियमित रूप से फील्ड में उतरने का आदेश दिया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि:
- जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जाएगी।
- जलापूर्ति में उत्पन्न होने वाली किसी भी बाधा को अविलंब दूर किया जाएगा।
- कार्यप्रणाली में सुधार न लाने वाले पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आज की इस उच्चस्तरीय बैठक ने साफ संकेत दे दिए हैं कि बिहार सरकार ‘हर घर नल का जल’ योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। सचिव के इस कड़े रुख से विभाग के भीतर हड़कंप मचा हुआ है, खासकर उन अधिकारियों के बीच जो अब तक फील्ड विजिट और जन-शिकायतों के प्रति लापरवाह थे।


