Crime News: बिहार के भागलपुर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। घोघा थाना क्षेत्र में दहशत का पर्याय बन चुके कुख्यात अपराधी टिब्वा मंडल उर्फ चन्द्रभानु मंडल और उसके सहयोगी अकबाली यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई रंगदारी के एक मामले की जांच के दौरान की गई।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पन्नुचक निवासी संजीव कुमार गुप्ता ने 29 दिसंबर 2025 को घोघा थाने में आवेदन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि टिब्वा मंडल और उसके साथियों द्वारा उनसे रंगदारी की मांग की जा रही है और न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या 194/25 दर्ज कर जांच शुरू की थी।
एसएसपी के निर्देश पर ऐसे हुई गिरफ्तारी
अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में पुलिस अधीक्षक (नगर), एसडीपीओ कहलगांव, डीआईयू टीम और घोघा थानाध्यक्ष शामिल थे।
- पहली गिरफ्तारी: टीम ने सबसे पहले इस कांड के प्राथमिक अभियुक्त अकबाली यादव को एकचारी दियारा स्थित उसके बासा से दबोचा।
- मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: अकबाली यादव की निशानदेही पर पुलिस ने एकचारी थाना अंतर्गत जटाधारी बाबा मंदिर के पास छापेमारी की, जहाँ से मुख्य अपराधी टिब्वा मंडल को गिरफ्तार किया गया।
टिब्वा मंडल का काला चिट्ठा (अपराधिक इतिहास)
गिरफ्तार टिब्वा मंडल कोई साधारण अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर साल 2006 से लेकर 2026 तक 14 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। इसमें:
- हत्या (धारा 302): कहलगांव और घोघा थाने में हत्या के कई मामले।
- जानलेवा हमला (धारा 307): कई बार पुलिस और आम नागरिकों पर हमले का आरोप।
- आर्म्स एक्ट: अवैध हथियार रखने और तस्करी के दर्जनों केस।
- रंगदारी: व्यापारियों और स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने के मामले।
छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारी
इस सफल ऑपरेशन में घोघा थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार, पु०अ०नि० राजेश कुमार, स०अ०नि० महानंद सिंह, स०अ०नि० नवीन कुमार और डीआईयू टीम भागलपुर के साथ सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।


