Patna News: बिहार दिवस के अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग और बिहार संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महिला नाट्य उत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया। इस आयोजन ने राजधानी के सांस्कृतिक माहौल को नई ऊर्जा से भर दिया है।
कला-संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
उद्घाटन समारोह में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि 114वां बिहार दिवस हम सभी के लिए गर्व और उत्साह का अवसर है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले पांच दिनों तक विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को उत्कृष्ट रंगमंचीय अनुभव प्राप्त होगा।
कलाकारों को प्रोत्साहन देने की दिशा में सरकार प्रयासरत
मंत्री ने कहा कि बिहार जिस तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है, उसी तरह कला और संस्कृति को भी समान गति से आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना प्रमुख है। इसके माध्यम से वरिष्ठ कलाकारों को सम्मान और आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
‘पारो’ नाटक ने किया भावुक
उत्सव के प्रथम दिन प्रस्तुति संस्था द्वारा प्रसिद्ध साहित्यकार नागार्जुन के उपन्यास ‘पारो’ पर आधारित नाटक “पारो” का मंचन किया गया। इस नाटक का नाट्य रूपांतरण विवेक कुमार ने किया, जबकि निर्देशन शारदा सिंह ने किया। संगीत संयोजन वरिष्ठ रंग निर्देशक संजय उपाध्याय द्वारा किया गया।
सामाजिक कुरीतियों पर करारा प्रहार
नाटक “पारो” में मिथिला क्षेत्र की सामाजिक कुरीतियों—जैसे बाल विवाह, बहुविवाह और बेमेल विवाह—का बेहद मार्मिक चित्रण किया गया। कहानी की नायिका पारो, एक गरीब ब्राह्मण परिवार की 13 वर्षीय बच्ची, इन कुरीतियों का शिकार बनती है और अंततः प्रसव के दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और समाज में व्याप्त कुप्रथाओं पर गंभीर चिंतन करने को मजबूर किया।
गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी, संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी की सहायक सचिव कीर्ति आलोक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बिहार दिवस पर पांच दिवसीय महिला नाट्य उत्सव का भव्य शुभारंभ
‘पारो’ नाटक के मंचन ने बांधा समां, सामाजिक कुरीतियों पर किया गहरा प्रहार


