Bhagalpur News: बिहार की राजनीति और विशेषकर सिल्क सिटी भागलपुर के लिए आज का दिन अत्यंत दुखद है। भागलपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और क्षेत्र के लोकप्रिय नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार, 1 मई की रात दिल्ली से पटना लौटने के क्रम में एक भीषण सड़क दुर्घटना में उनका असामयिक निधन हो गया। इस खबर के फैलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है और राजनीतिक गलियारों में सन्नाटा पसरा है।
पार्थिव शरीर पहुँचा भागलपुर: उमड़ी समर्थकों की भारी भीड़
स्व. प्रवीण सिंह कुशवाहा के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दीप नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में रखा गया है। अपने प्रिय नेता की एक झलक पाने के लिए समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता का हुजूम उमड़ पड़ा है। हर आँख नम है और लोग उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को याद कर रहे हैं।
अंतिम विदाई का विस्तृत कार्यक्रम
परिजनों और प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार के लिए जो कार्यक्रम तय किया गया है, वह इस प्रकार है:
- कल सुबह 8:00 बजे (3 मई): ‘रामगीता आस्था लाइफस्टाइल सिटी’ (ग्लोकल हॉस्पिटल के बगल में) से उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी।
- कल सुबह 9:00 बजे: अंतिम यात्रा बिहपुर (जीतू) स्थित उनके पैतृक आवास पहुँचेगी, जहाँ स्थानीय लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
- अंतिम गंतव्य: बिहपुर से पार्थिव शरीर को बरारी श्मशान घाट लाया जाएगा, जहाँ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
राजनीतिक शून्यता: मुख्यमंत्री और दिग्गज नेताओं ने जताया शोक
प्रवीण सिंह कुशवाहा का जाना भागलपुर की राजनीति के लिए एक बड़े युग का अंत माना जा रहा है। वे न केवल कांग्रेस के एक मजबूत स्तंभ थे, बल्कि सभी दलों के नेताओं के साथ उनके मधुर संबंध थे।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “प्रवीण जी एक संघर्षशील नेता थे, समाज के प्रति उनका समर्पण सदैव याद रखा जाएगा।”
- पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे बिहार की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
जनता के दुख-सुख के साथी थे प्रवीण कुशवाहा
एक समर्पित नेता के रूप में उन्होंने भागलपुर की समस्याओं को हमेशा प्रमुखता से उठाया। चाहे किसानों के मुद्दे हों या युवाओं के रोजगार की बात, वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने एक नेता नहीं, बल्कि अपना अभिभावक खो दिया है।


