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विक्रमशिला सेतु की सेहत सुधारेगा IIT पटना और BRO: 3 महीने में मरम्मत का लक्ष्य, दिसंबर से नए पुल पर दौड़ेंगे वाहन

IIT पटना की तकनीक और BRO के सहयोग से 90 दिनों में सुधरेगी पुल की सेहत, दिसंबर तक समांतर सेतु शुरू होने से खत्म होगा ट्रैफिक का संकट।"

Patna News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद पैदा हुए संकट को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने ‘मिशन मोड’ में काम शुरू कर दिया है। रविवार देर रात पुल का स्लैब गिरने के बाद अब इसकी मरम्मत के लिए देश की दिग्गज संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है। सोमवार को पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भविष्य की रूपरेखा साझा की।

3 महीने में दुरुस्त होगा पुराना पुल, दिसंबर तक ‘समांतर सेतु’ का तोहफा

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने दो बड़ी समय-सीमाओं (Deadlines) का ऐलान किया:

  • मरम्मत कार्य: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त स्पैन को ठीक करने में लगभग 3 महीने का समय लगेगा। इस कार्य में IIT पटना के विशेषज्ञों की तकनीकी मदद ली जाएगी।
  • नया विकल्प: विक्रमशिला सेतु के बगल में बन रहे समांतर गंगा पुल पर इस साल दिसंबर तक वाहनों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भागलपुर के लोगों को जाम और पुराने पुल के दबाव से स्थायी मुक्ति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्रालय से साधा संपर्क, इंजीनियर पर गिरी गाज

​हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:

  • सस्पेंशन: लापरवाही बरतने के आरोप में पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
  • BRO की मदद: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है। पुल की जल्द और मजबूत मरम्मत के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) का भी सहयोग मांगा गया है।

वैकल्पिक मार्ग और स्टीमर सेवा: यात्रियों के लिए नई व्यवस्था

​पुल बंद होने के कारण यात्रियों को हो रही असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने नए रूट जारी किए हैं:

  • भारी वाहन: उत्तर बिहार जाने के लिए अब मुंगेर (श्रीकृष्ण सिंह सेतु) और खगड़िया के गंगा पुल का इस्तेमाल करना होगा।
  • स्टीमर सेवा: मानसून की आहट को देखते हुए पीपा पुल बनाना संभव नहीं है, इसलिए भागलपुर और नवगछिया के बीच जल्द ही स्टीमर सेवा शुरू की जाएगी।
  • प्रशासन की सतर्कता: पुल के पिलर संख्या 133 के पास धंसाव देखते ही ट्रैफिक रोकना एक बड़ा कदम था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।

पुल के टूटने की मुख्य वजह: भारी दबाव और अनदेखी

​अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि पुल पर यातायात का दबाव क्षमता से कहीं अधिक था। पूर्व में हुई जांच में भी कई खामियां सामने आई थीं। अब सरकार का फोकस न केवल मरम्मत पर है, बल्कि दिसंबर तक नए पुल को शुरू कर भागलपुर की लाइफलाइन को फिर से पूरी रफ्तार देने पर है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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