Bhagalpur News: भागलपुर के व्यवहार न्यायालय परिसर में संवेदनशील गवाहों (Vulnerable Witnesses) की सुरक्षा और उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के लिए ‘वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर’ (VWDC) का निर्माण किया जाएगा। जिला सत्र न्यायाधीश के पत्र के आलोक में आज जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रशासनिक टीम के साथ न्यायालय परिसर का सघन निरीक्षण किया।
बार लाइब्रेरी के नीचे स्थल का चयन
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न संभावित जगहों का जायजा लिया। प्राथमिक तौर पर बार लाइब्रेरी के नीचे के स्थल को इस केंद्र के निर्माण के लिए उपयुक्त मानते हुए चिन्हित किया गया है।
- अगला कदम: इस स्थल पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नगर निगम से ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) प्राप्त किया जाएगा। NOC मिलते ही सेंटर के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
क्या है वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर (VWDC)?
यह केंद्र उन गवाहों के लिए बनाया जाता है जो अत्यंत संवेदनशील होते हैं (जैसे बच्चे, यौन शोषण के शिकार व्यक्ति या डरे हुए गवाह)। इसका मुख्य उद्देश्य:
- गवाहों को सुरक्षित और तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना।
- बिना किसी डर या दबाव के अपना बयान दर्ज कराने में मदद करना।
- न्यायालय की कार्यवाही को मानवीय और सुलभ बनाना।
निरीक्षण में शामिल रहे मुख्य अधिकारी
स्थल निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- जतिन कुमार (सहायक समाहर्ता)
- दिनेश राम (अपर समाहर्ता)
- मीक्षी कुमारी (प्रभारी पदाधिकारी, जिला विधि शाखा)
न्यायिक प्रक्रिया में मील का पत्थर
जिला प्रशासन की इस पहल को भागलपुर की न्यायिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इस सेंटर के बन जाने से संवेदनशील मामलों में गवाहों को आरोपी के सीधे संपर्क में आए बिना अपनी बात रखने की सुविधा मिलेगी, जिससे न्याय की प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष और सुरक्षित हो जाएगी।


