Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया है। छात्र राजनीति के गरमाते ही राष्ट्रीय जनता दल के छात्र संगठन (छात्र राजद) ने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रभारी कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कैंपस में जोरदार नारेबाजी की और प्रभारी कुलपति का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
मुख्य विवाद: एक व्यक्ति, दो पद और छात्रों की बढ़ती मुसीबतें
प्रदर्शनकारी छात्रों का सबसे गंभीर आरोप विश्वविद्यालय में जारी ‘दोहरे पदभार’ की व्यवस्था को लेकर है। छात्र राजद के नेताओं का कहना है कि एक ही व्यक्ति को दो-दो महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण विश्वविद्यालय का कामकाज ठप पड़ा है और छात्र हित से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लंबित हैं।
“फाइलों में कैद हैं कुलपति”: छात्र नेताओं का तीखा प्रहार
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने प्रभारी कुलपति की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी वे विश्वविद्यालय आते हैं, तो उनका पूरा समय केवल फाइलों को निपटाने में निकल जाता है। छात्रों की समस्याओं को सुनने या उनके समाधान के लिए उनके पास समय नहीं है।
छात्र राजद के मुख्य आरोप:
- विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की बुनियादी समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन है।
- कॉलेजों में छात्रों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों भटकना पड़ रहा है।
- प्रभारी कुलपति का विजन छात्र हितों के पक्ष में नहीं दिख रहा है।
नेताओं की हुंकार: “हटाओ प्रभारी कुलपति, बचाओ विश्वविद्यालय”
इस आक्रोश प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने दो टूक शब्दों में प्रभारी कुलपति को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।
गुंजन यादव (महासचिव, छात्र राजद): “विश्वविद्यालय अब शिक्षा का मंदिर नहीं, बल्कि अराजकता का केंद्र बन गया है। जब तक दोहरे पदभार की व्यवस्था खत्म नहीं होती और छात्रों की सुनवाई शुरू नहीं होती, हमारा आंदोलन थमेगा नहीं।”
लालू यादव (अध्यक्ष, छात्र राजद): “प्रशासन हमारी धैर्य की परीक्षा न ले। अगर जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और प्रभारी कुलपति को नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में छात्र राजद पूरे विश्वविद्यालय को ठप कर देगा।”
प्रशासन और छात्रों के बीच बढ़ता टकराव
गौरतलब है कि TMBU में पिछले कुछ समय से प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। आए दिन होने वाले प्रदर्शनों से शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। छात्र राजद ने साफ कर दिया है कि यह केवल सांकेतिक प्रदर्शन था, मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।


