Patna News: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ (CMG) की उच्चस्तरीय बैठक में कड़ा रुख अख्तियार किया है। राज्य में पीएनजी (PNG) पाइपलाइन बिछाने के कार्यों की कछुआ चाल पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने तेल कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी दी है। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोताही बरती गई, तो संबंधित कंपनियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कंपनियों को निर्देश: ऑफिस नहीं, धरातल पर उतरकर दिखाएं काम
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि पटना और मुजफ्फरपुर को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में घरेलू पीएनजी कनेक्शन की प्रगति लक्ष्य से काफी पीछे है। मुख्य सचिव ने आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL), एचपीसीएल (HPCL), गेल (GAIL) और थिंक गैस (Think Gas) के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे अब ‘मिशन मोड’ में काम करें।
- हर सोमवार रिपोर्ट: नोडल विभाग को हर सोमवार मुख्य सचिव के समक्ष प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया है।
- ग्राउंड जीरो पर जांच: प्रमंडलीय आयुक्त और प्रभारी सचिवों को जिलों का भ्रमण कर ठेकेदारों और मैनपावर की उपलब्धता की भौतिक जांच करने को कहा गया है।
एलपीजी बैकलॉग पर नकेल: 22 हजार से अधिक निरीक्षण
बैठक में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और बैकलॉग की भी समीक्षा की गई। विशेष रूप से अरवल, गया, कैमूर, रोहतास, सारण और पश्चिमी चंपारण में समस्या को रेखांकित किया गया।
- छापेमारी और जब्ती: अब तक जिलाधिकारियों द्वारा 22,878 सघन निरीक्षण किए गए हैं, जिसमें कई अवैध सिलेंडर जब्त किए गए और एफआईआर (FIR) दर्ज की गई।
- OTP से डिलीवरी: तेल कंपनियों ने बताया कि अब 90% डिलीवरी केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए ही हो रही है, ताकि कालाबाजारी रुक सके।
बाहर फंसे श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
बिहार के जो श्रमिक मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) या अन्य राज्यों में फंसे हैं, उनकी सहायता के लिए श्रम संसाधन विभाग ने राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी है।
सहायता के लिए संपर्क करें:
- फोन नंबर: 0612-2520053
- व्हाट्सएप नंबर: 7368855002
युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
पीएनजी पाइपलाइन कार्यों में तेजी लाने के लिए सरकार ने एक मास्टर प्लान बनाया है। इसके तहत पटना, लखीसराय और मुंगेर जैसे जिलों में PHED प्लंबरों और ITI छात्रों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर किया जा सके।
बैठक में ये रहे मौजूद:
बैठक में विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी समेत स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, परिवहन, आपदा प्रबंधन और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव एवं सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।


