Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार मंगलवार को विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे। लंबे समय के बाद सार्वजनिक जीवन में निशांत कुमार की इस सक्रियता ने न केवल श्रद्धालुओं और समर्थकों में जोश भर दिया, बल्कि सियासी गलियारों में भी नई चर्चाएं छेड़ दी हैं।
समर्थकों का भारी हुजूम और जोरदार स्वागत
दोपहर के समय जैसे ही निशांत कुमार का काफिला सोनपुर के मंदिर परिसर में पहुंचा, वहां पहले से मौजूद समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। ‘जय श्री हरिहरनाथ’ के जयघोष के साथ फूलों और मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया गया। निशांत ने बेहद शालीनता के साथ लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और मंदिर के गर्भगृह में जाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
20 साल बाद बाबा के दरबार में, छलका दर्द और सम्मान
पूजा के उपरांत मीडिया से बात करते हुए निशांत कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि वह लगभग दो दशकों (20 साल) के लंबे अंतराल के बाद बाबा हरिहरनाथ के दर्शन करने आए हैं। उन्होंने कहा:
”जिस तरह पिछले 20 सालों से बिहार की महान जनता ने मेरे पिताजी (नीतीश कुमार) को मान-सम्मान और स्नेह दिया है, वह अतुलनीय है। बाबा भोलेनाथ की कृपा पिताजी की तरह ही प्रदेश की जनता और मेरे ऊपर भी बनी रहे, यही कामना है।”
पिता के कार्यों का जिक्र और जनता से अपील
निशांत कुमार ने अपने पिता के शासनकाल और बिहार के विकास कार्यों को याद करते हुए कहा कि राज्य की जनता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान को कभी नहीं भूलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता का समर्थन आने वाले समय में भी उनके पिता और उनकी पार्टी (JDU) के साथ मजबूती से बना रहेगा।
सियासी गलियारों में सुगबुगाहट: क्या यह नई शुरुआत है?
निशांत कुमार आमतौर पर प्रचार और राजनीति से दूर रहते हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनकी बढ़ती सक्रियता और सोनपुर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर उनके सार्वजनिक दौरे को राजनीतिक पंडित बड़े संकेत के रूप में देख रहे हैं। चुनाव और संगठन की मजबूती के बीच उनका यह दौरा जेडीयू समर्थकों में नई ऊर्जा भरने का काम कर रहा है।


