Bhagalpur News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान आज भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड स्थित बैजानी में जिले की विकासात्मक योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना है, जिसके लिए ‘सात निश्चय-3’ के तहत क्रांतिकारी कदम उठाए जा रहे हैं।
सात निश्चय-3: “सबका सम्मान-जीवन आसान” पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सात निश्चय-3 के सातवें सूत्र ‘Ease of Living’ (जीवन आसान बनाना) पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा:
* दैनिक कठिनाइयों का अंत: सरकार का मुख्य मकसद नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन में आने वाली दिक्कतों को कम करना है।
* संवेदनशीलता: अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में मानवीय संवेदना रखें ताकि समाज के हर वर्ग को सम्मान मिल सके।
रोजगार का महा-संकल्प: 1 करोड़ युवाओं को अवसर
युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के सबसे बड़े लक्ष्य को दोहराया:
* बंपर नौकरियां: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ा जाएगा।
* उद्योगों को बढ़ावा: उद्यमियों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज और स्टार्टअप नीति के माध्यम से बिहार को ‘इंडस्ट्रियल हब’ बनाने की तैयारी है।
* दक्ष युवा, सुरक्षित भविष्य: युवाओं को कौशल प्रशिक्षण (Skill Development) देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है ताकि उन्हें रोजगार के लिए भटकना न पड़े।
ग्राउंड रिपोर्ट: सात निश्चय-2 की प्रगति
बैठक में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में चल रही योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि:
* प्रगति यात्रा के दौरान घोषित सभी लंबित योजनाओं को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए।
* सात निश्चय-2 के तहत चल रहे हर घर नल का जल, पक्की गली-नालियां और अन्य बुनियादी ढांचों के रखरखाव में कोई कोताही न बरती जाए।
बैठक में मौजूद रहे दिग्गज
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि और प्रमंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद थे।


