Bhagalpur News: भागलपुर के सिकंदरपुर स्थित एक मैरिज हॉल में बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ (जिला शाखा, भागलपुर) द्वारा आयोजित ‘पंचायत सचिव महासमागम’ संपन्न हुआ। इस समागम में भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के सैकड़ों पंचायत सचिवों ने शिरकत की और अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी।
इन 5 प्रमुख मांगों पर अडिग है संघ
महासमागम के दौरान पंचायत सचिवों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जो उनके भविष्य और कार्यशैली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
- पदनाम परिवर्तन: शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पदनाम बदलकर GPRO किया जाए।
- ग्रेड-पे में वृद्धि: वर्तमान ग्रेड-पे 2000 रुपये को बढ़ाकर 4200 रुपये करने की मांग।
- स्थानांतरण नीति: अंतर-जिला स्थानांतरण (Inter-District Transfer) की सुविधा बहाल हो।
- परिवहन भत्ता: कार्य की अधिकता और भागदौड़ को देखते हुए 2000 रुपये मासिक परिवहन भत्ता दिया जाए।
- प्रोन्नति की बाधा: BPRO पद पर प्रोन्नति के लिए निर्धारित 55 वर्ष की उम्र सीमा को समाप्त किया जाए।
सरकार की चुप्पी पर नाराजगी
संघ के अध्यक्ष विजेन्द्र कुमार सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अब हमारे धैर्य का बांध टूट रहा है। यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन भागलपुर से लेकर पटना तक और भी उग्र रूप लेगा।”
दो प्रमंडलों की एकजुटता से घबराया प्रशासन
इस महासमागम की सबसे खास बात भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के सचिवों का एक मंच पर आना रहा। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत स्तर पर सरकार की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले सचिव आज खुद बुनियादी सुविधाओं और सम्मानजनक वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। समागम के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब और इंतजार संभव नहीं है।


