Patna News: राजधानी के भव्य पनाश बैंक्वेट हॉल में बुधवार को देशभक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। एमिटी यूनिवर्सिटी पटना ने बिहार रेजिमेंट सेंटर (BRC), दानापुर के सशस्त्र बलों के सहयोग से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रथम वर्षगांठ को बेहद गर्व और सम्मान के साथ मनाया। यह आयोजन न केवल विजय का उत्सव था, बल्कि राष्ट्र की सीमाओं पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के प्रति एक गहरी कृतज्ञता भी थी।
सैन्य धुनों ने बांधा समां, सूबेदार परगट सिंह के नेतृत्व में आर्मी बैंड ने जीता दिल
इस स्मृति समारोह का मुख्य आकर्षण भारतीय सेना के बैंड का प्रदर्शन रहा। सूबेदार परगट सिंह के नेतृत्व में जब आर्मी बैंड ने ‘मां तुझे सलाम’, ‘जय हो’ और ‘सारे जहां से अच्छा’ जैसी कालजयी देशभक्ति धुनों की प्रस्तुति दी, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। संगीत की इन लहरों ने वहां मौजूद दर्शकों को भावुक कर दिया और एकता व गौरव का माहौल बना दिया।
शौर्य गाथा की वीडियो प्रस्तुति: जब नम हुईं आंखें
कार्यक्रम के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की भावना, सैनिकों के बलिदान और इसके रणनीतिक महत्व को दर्शाने वाली एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। वीडियो के माध्यम से सशस्त्र बलों के साहस और समर्पण को देखकर दर्शकों ने खड़े होकर (Standing Ovation) सम्मान व्यक्त किया। यह क्षण सेना और आम जनता के बीच अटूट भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
कुलपति का संदेश: “सैनिकों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता”
एमिटी यूनिवर्सिटी पटना के माननीय कुलपति, प्रोफेसर (डॉ.) विवेकानंद पांडे ने आर्मी बैंड के सभी सदस्यों को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:
“यह केवल एक औपचारिक सभा नहीं है, बल्कि हमारे उन जांबाज सैनिकों के साहस और अटूट प्रतिबद्धता की याद है, जिनकी वजह से हम शांति से जी पा रहे हैं। एमिटी परिवार सैनिकों और उनके परिवारों को हर संभव सहयोग देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। राष्ट्र हमेशा उनके साथ खड़ा है।”
सामूहिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य का संकल्प
इस समारोह ने शिक्षाविदों, रक्षा कर्मियों और युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति अपना अटूट समर्थन देने का सामूहिक संकल्प लिया। एमिटी यूनिवर्सिटी ने इस आयोजन के जरिए राष्ट्रीय गौरव और नागरिक कर्तव्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।


