Bihar News: उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व तथा भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी दो वर्षों में यह सर्वेक्षण हर हाल में पूरा किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सर्वे का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि आम जनता को वास्तविक लाभ पहुँचाना और भूमि संबंधित समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।
विशेष बैठक में श्री सिन्हा ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि गलत रिपोर्टिंग, लापरवाही या विलंब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत लिखित रूप में विभाग को दी जाए, जिस पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले से सर्वे कार्य की विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाए ताकि समय सीमा में सभी कामों का निष्पादन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में प्रधान सचिव सीके अनिल, सचिव जय सिंह और भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत ने पिछले सर्वेक्षणों की स्थिति और वर्तमान प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी। प्रथम चरण में 20 जिलों के 5657 राजस्व ग्रामों में सर्वे कार्य प्रपत्र-6, खानापुरी और ऑथोफोटोग्राफ सहित लगभग 80-99 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। वहीं द्वितीय चरण में 36 जिलों के 37,419 राजस्व ग्रामों में हवाई सर्वेक्षण, ग्रामस्तरीय उद्घोषणा और ग्राम सभा का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है, तथा 2.70 करोड़ से अधिक स्वघोषणाएं प्राप्त की गई हैं।
मंत्री ने दो टूक कहा कि सर्वे केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुधार का आधार है। सभी अधिकारियों और कर्मियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य संपन्न कराने का निर्देश दिया गया। इस पहल से राज्य में भूमि रिकॉर्ड का आधुनिकीकरण और आम जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा।


