Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तहत एक ऐतिहासिक पहल की गई है। विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग स्थित रवींद्र भवन परिसर में सामाजिक विज्ञान संकाय स्नातकोत्तर NSS इकाई-1 के सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ।
यह आयोजन विश्वविद्यालय के इतिहास में इसलिए स्वर्णिम है क्योंकि पहली बार स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर NSS की इकाई द्वारा विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है, जो अब तक केवल महाविद्यालयों तक सीमित था।
प्रमुख अतिथि और उद्घाटन सत्र
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि, TMBU के स्टेट पदाधिकारी डॉ. जैनेंद्र कुमार, प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. पवन शेखर और कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. उमेश तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। सत्र की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलगीत और NSS लक्ष्य गीत के साथ हुई।
वक्ताओं के मुख्य विचार:
- डॉ. जैनेंद्र कुमार (मुख्य अतिथि): “यह प्रशिक्षण शिविर स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व में व्यापक परिवर्तन लाएगा। यहाँ से प्रशिक्षित होकर छात्र समाज के जागरूक अग्रदूत बनेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।”
- डॉ. पवन शेखर (अध्यक्षता): “युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। स्वयंसेवकों का कर्तव्य है कि वे स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करें।”
- डॉ. उमेश तिवारी (कार्यक्रम पदाधिकारी): उन्होंने यूनिट की अब तक की उपलब्धियों और रचनात्मक कार्यों का विवरण देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्वयंसेवकों ने समाज सेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वह इस यूनिट को विश्वविद्यालय की सर्वश्रेष्ठ इकाई बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
15 वर्षों का सपना हुआ साकार: डॉ. राहुल कुमार
NSS के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राहुल कुमार ने इस अवसर को भावुक और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा:
”जब मैंने पदभार ग्रहण किया था, तब स्वयंसेवकों से PG यूनिट की स्थापना का वादा किया था। पिछले 15 वर्षों से कई समन्वयकों ने इसके लिए प्रयास किया, लेकिन आज न केवल यह इकाई फलीभूत हुई है, बल्कि इसे भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक द्वारा आधिकारिक मान्यता भी प्राप्त हो चुकी है।”
उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि आज NSS के आयोजन अखबारों की सुर्खियां बन रहे हैं, जो संस्था की बढ़ती साख का प्रतीक है।
शिविर की रूपरेखा और गोद लिया गया गाँव
- अवधि: यह शिविर 11 अप्रैल तक चलेगा।
- प्रतिभागी: सामाजिक विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों के 50 स्वयंसेवक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
- दत्तक ग्राम (Adopted Village): इस विशेष शिविर हेतु कंपनी बाग, वार्ड नंबर 13 का चयन ‘पोषित गांव’ के रूप में किया गया है, जहाँ स्वयंसेवक जागरूकता अभियान चलाएंगे।
द्वितीय सत्र: ‘अंग क्षेत्र का इतिहास और विरासत’
शिविर के दूसरे सत्र में बौद्धिक विमर्श हुआ। डॉ. पवन शेखर ने “अंग क्षेत्र का इतिहास और उसकी विरासत” विषय पर व्याख्यान दिया।
- उन्होंने स्वयंसेवकों को अपने आसपास की ऐतिहासिक धरोहरों की पहचान करने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
- उन्होंने पंचायत स्तर पर पुरातात्विक धरोहरों के दस्तावेजीकरण (Documentation) पर जोर दिया ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति से परिचित रह सकें।
समापन: प्रथम दिवस के द्वितीय सत्र का समापन डॉ. उमेश तिवारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह शिविर आने वाले सात दिनों तक विभिन्न रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में सेवा भाव और नेतृत्व क्षमता का विकास करेगा।


