Nalanda News: साइबर अपराधियों के सुरक्षित पनाहगाह माने जाने वाले क्षेत्रों पर नकेल कसने के लिए नालंदा पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजगीर एसडीपीओ के नेतृत्व में कतरीसराय थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 05 शातिर साइबर ठगों को रंगे हाथ दबोचा गया है।
कैसे देते थे ठगी को अंजाम?
शुरुआती जांच और पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये अपराधी एक संगठित गिरोह बनाकर आम जनता को अपना शिकार बनाते थे। इनका मुख्य हथियार ‘पेट्रोल पंप की डीलरशिप’ का झांसा देना था। ये जालसाज व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी लेटर भेजते थे और फिर रजिस्ट्रेशन शुल्क व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों से लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।
छापेमारी में बरामद हुआ भारी सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी की सूची इस प्रकार है:
- 11 स्मार्ट मोबाइल फोन और 02 की-पैड फोन।
- 04 फर्जी सिम कार्ड।
- 89 पेज का डेटा शीट (जिसमें शिकार होने वाले लोगों की जानकारी थी)।
- साइबर ठगी से जुड़ी अन्य आपत्तिजनक सामग्री।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
पकड़े गए अपराधियों में कतरीसराय और सरमेरा थाना क्षेत्र के युवक शामिल हैं:
- शुभम कुमार उर्फ हिमांशु (25 वर्ष) – कतरपुर
- प्रिंस कुमार उर्फ अंजनी कुमार (19 वर्ष) – बजराचक
- आदित्य राज उर्फ जेपी (25 वर्ष) – गौरैया बिगहा
- अमित कुमार (32 वर्ष) – गौरैया बिगहा
- पियूष कुमार उर्फ अंजनी कुमार (22 वर्ष) – अहियापुर (सरमेरा)
पुलिस की टीम और आगे की कार्रवाई
इस सफल छापेमारी का नेतृत्व कतरीसराय थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और अंचल निरीक्षक सुमंत कुमार ने किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कतरीसराय थाना कांड संख्या-138/2026 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरोह के अन्य संपर्कों और बैंक खातों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
जनता के लिए पुलिस की अपील
नालंदा पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही आम जनता को सचेत रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। लुभावने ऑनलाइन ऑफर, फर्जी कॉल या संदिग्ध लिंक से सावधान रहें क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी जमापूंजी को खतरे में डाल सकती है।


