Patna News: बिहार में 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली बिजली की नई दरों को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच अब तस्वीर साफ हो गई है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने नए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ का ऐलान कर दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य के करीब 2.22 करोड़ उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
दरअसल, बिजली कंपनियों ने बढ़ते खर्च और बकाया की भरपाई के लिए टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। अनुमान लगाया जा रहा था कि प्रति यूनिट 30 से 35 पैसे तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम लोगों के बिजली बिल पर अतिरिक्त बोझ पड़ता। लेकिन आयोग ने इस प्रस्ताव को खारिज कर मौजूदा दरों को ही जारी रखने का निर्णय लिया।
हालांकि, सिर्फ दरें स्थिर रखने तक ही फैसला सीमित नहीं है। नई टैरिफ व्यवस्था में स्लैब (दर श्रेणी) में बदलाव किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। खासतौर पर कम और मध्यम खपत वाले उपभोक्ताओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, करीब 25 से 27 लाख उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आ सकती है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला महंगाई के दौर में आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार नहीं चाहती कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा का बोझ आम परिवारों के बजट को और प्रभावित करे। ग्रामीण क्षेत्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह निर्णय काफी अहम माना जा रहा है।
इसके साथ ही सरकार बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। राज्य में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत के आधार पर बिल मिलेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके अलावा लाइन लॉस कम करने और बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए भी कई योजनाएं चल रही हैं।
हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र से इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। उद्योग संगठनों का कहना है कि भले ही घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है, लेकिन औद्योगिक टैरिफ अब भी अपेक्षाकृत अधिक है, जिससे उत्पादन लागत प्रभावित होती है।
पिछले कुछ समय से यह खबरें सामने आ रही थीं कि 1 अप्रैल से बिजली महंगी हो सकती है, जिससे आम लोगों में चिंता का माहौल था। लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल उपभोक्ताओं को किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, बिहार में 1 अप्रैल 2026 से नई बिजली टैरिफ व्यवस्था लागू होगी, लेकिन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। साथ ही, स्लैब में बदलाव के कारण लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है—जो राज्य के लिए एक सकारात्मक और जनहितकारी कदम माना जा रहा है।
बिहार में 1 अप्रैल से बिजली दरों पर बड़ा फैसला, करोड़ों उपभोक्ताओं को मिली राहत
नई टैरिफ व्यवस्था लागू, लेकिन नहीं बढ़े दाम—स्लैब में बदलाव से लाखों उपभोक्ताओं का बिल होगा कम


